Share Market: Q4 FY26 के नतीजों में कई बड़ी कंपनियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है. 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बाजार पूंजीकरण वाली 17 कंपनियों की बिक्री एक साल में दोगुनी से ज्यादा बढ़ी हैं. इन कंपनियों में रिटेल, रियल एस्टेट, मेटल, सोलर एनर्जी, फार्मा और वित्तीय सेवाओं जैसे अलग-अलग सेक्टर शामिल हैं.
सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं ये कंपनियां
सबसे ज्यादा चर्चा इसमें ईटर्नल की रही, जिसकी बिक्री Q4 FY26 में बढ़कर 17,292 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ये 5,833 करोड़ रुपये थी. कंपनी का मुनाफा भी 39 करोड़ रुपये से बढ़कर 174 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी को ब्लिंकिट और क्विक कॉमर्स कारोबार से बड़ा फायदा मिला है.
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लॉयड मेटल्स एंड एनर्जी ने भी शानदार प्रदर्शन किया. कंपनी की बिक्री 312 प्रतिशत बढ़कर 4,913 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि मुनाफा 426 प्रतिशत उछलकर 1,066 करोड़ रुपये हो गया. आयरन ओर उत्पादन और पेलेट क्षमता बढ़ने से कंपनी को फायदा मिला.
सोलर सेक्टर की कंपनी वारी एनर्जीज की बिक्री 112 प्रतिशत बढ़कर 8,480 करोड़ रुपये रही. वहीं कंपनी का मुनाफा 71 प्रतिशत बढ़कर 1,061 करोड़ रुपये पहुंच गया. घरेलू मांग और अमेरिकी निर्यात ऑर्डर बढ़ने से कंपनी को मजबूती मिली.
कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने भी मजबूत नतीजे पेश किए. कंपनी की आय 205 प्रतिशत बढ़कर 889 करोड़ रुपये और मुनाफा 291 प्रतिशत बढ़कर 530 करोड़ रुपये हो गया. बाजार में बढ़ी ट्रेडिंग गतिविधियों का सीधा फायदा कंपनी को मिला.
रियल एस्टेट कंपनी प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट्स की बिक्री 167 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मुनाफा 25 करोड़ रुपये से बढ़कर 250 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी की कई परियोजनाओं की डिलीवरी पूरी होने से राजस्व में तेजी आई.
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कुछ कंपनियों को हुआ घाटा
हालांकि सभी कंपनियों की तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही. मोतीलाल ओस्वाल फाइनेंशियल सर्विसेज की आय 125 प्रतिशत बढ़ने के बावजूद कंपनी को 221 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. वहीं SJVN की बिक्री बढ़ी, लेकिन कंपनी घाटे में बनी रही.
टेलीकॉम उपकरण कंपनी HFCL ने शानदार वापसी की. कंपनी पिछले साल घाटे में थी, लेकिन इस बार 179 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया. भारतनेट और निजी टेलीकॉम कंपनियों के ऑर्डर से कंपनी को मजबूती मिली.
फार्मा सेक्टर में न्यूलैंड लेबोरेटरीज और वियाश लाइफ साइंसेज ने भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की. वहीं ज्वेलरी कंपनी थांगमयील ज्वेलरी की बिक्री सोने की ऊंची कीमतों और स्टोर विस्तार के कारण दोगुनी हो गई.
क्या कहते हैं नतीजे
इन नतीजों से साफ है कि रियल एस्टेट, रिन्यूएबल एनर्जी, मेटल और पूंजी बाजार जैसे सेक्टरों में तेजी बनी हुई है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि हर कंपनी की वृद्धि को समान नजर से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि कुछ मामलों में ये लेखांकन या कमोडिटी कीमतों के असर का भी परिणाम हो सकता है.