RBI Warning of Inflation: फरवरी से शुरू हुआ ईरान और यूएस का युद्ध अब तक भी जारी है. इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कचेच तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर भी पड़ रहा है. इसी बीच अब RBI ने भी चेतावनी दे दी है कि यदि ये युद्ध ऐस ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब भारत में दूसरे दौर की महंगाई आ जाएगी.
पेट्रोल- डीजल के बढ़ सकते हैं दाम
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का कहना है कि वेस्ट मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव जितना लंबा खिंचेगा ऊर्जा कीमतें, ट्रेड डिफिसिट और रुपये पर उतना ही ज्यादा दबाव बढ़ेगा. इस युद्ध के कारण ग्लोबल लेवल पर कच्चा तेल और पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है. इससे भारत में भी पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम और भी ज्यादा बढ़ सकते हैं.
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महंगाई पर असर
RBI ने कहा है कि अगर वेस्ट एशिया संकट इसी तरह लंबा चला तो दूसरे दौर की महंगाई बढ़ सकती है यानी ट्रांसपोर्ट से लेकर खाने-पीने तक सबकुछ महंगा हो सकता है. इतना ही नहीं इसका असर सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है. युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों और सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है. इससे सामान की डिलीवरी और आयात-निर्यात महंगा हो सकता है.
शेयर बाजार और निवेश
ग्लोबल तनाव बढ़ने पर विदेशी निवेशक पैसा निकाल सकते हैं. इससे शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. साल 2021-25 के बीच भारत की औसत ग्रोथ 8.2% रही. RBI ने 2026-27 के लिए भी करीब 6.9% ग्रोथ का अनुमान दिया है. अभी भारत में महंगाई 4% के आसपास कंट्रोल में है लेकिन तेल संकट से खतरा बढ़ सकता है. भारत के पास करीब 11 महीने के आयात जितना विदेशी मुद्रा भंडार है इसलिए तुरंत बड़ा आर्थिक खतरा नहीं है.
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