LPG Upadte: होर्मुज पर ब्लॉकेज, अब तेल के जहाज भारत आ रहे हैं या नहीं? सरकार ने दिया अपडेट, ये है प्लान B

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भारत में पिछले कई दिनों से एलपीजी गैस की किल्लत चल रही है. इसी बीच अब सरकार ने इसे लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है. केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि यूएस ईरान के युद्ध के बीच भारत में रसोई गैस की को कोई दिक्कतें नहीं आएंगी. उन्होंने साफ कर दिया है कि देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. ऐसे में घबराने की या परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है.

पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या जानकारी दी?
दरअसल गुरुवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सेक्रेटरी नीरज मित्तल ने मीडिया के साथ बातचीत में एलपीजी संकट को लेकर कहा कि, ‘मुझे कहीं कोई समस्या नहीं दिख रही है. सभी घरेलू आपूर्ति 100% है’. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि लगभग 70 प्रतिशत पैक्ड एलपीजी पहले ही जारी की जा चुकी है. उन्होंने ये भी कहा कि हो सकता है कि स्थानीय आपूर्ति में कुछ मामूली सी समस्याएं आएं, लेकिन वो कोई बड़ी बात नहीं बल्कि सामान्य ही है, क्योंकि ऐसी दिक्कतें हर रोज आती हैं और उनका समाधान भी किया जाता है.

शिपमेंट के बारे में भी की बात
इतना ही नहीं मित्तल ने जहाजों की आवाजाही के बार में भी बात की है. उन्होंने बताया है कि इसमें कोई रुकावट नहीं है, शिपमेंट की आवाजाही आसानी से हो रही है. मित्तल ने कहा, ‘नाकाबंदी होने के बावजूद भी जहाज लगातार आ रहे हैं. वो अपने सामान्य यात्रा समय का पालन करते हैं. हम जलडमरूमध्य पार करने में किसी देरी की बात नहीं कर रहे हैं. सरकार हर रोज इसकी समीक्षा कर रही है. यदि कोई बदलाव करना होगा, तो वो भी किया जाएगा’.

क्या है प्लान B?
मित्तल ने ऊर्जा सुरक्षा और भारत की बढ़ती गैस मांग पर सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि, हाल ही में पश्चिम एशिया में हुए संकट ने प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए योजना बनाने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के महत्व को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि भारत 41 देशों से कच्चा तेल, 30 देशों से प्राकृतिक गैस और 13 देशों से एलपीजी प्राप्त करता है, और भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा नीतियों को तैयार करते समय इन कारकों को ध्यान में रखना आवश्यक है. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि सरकार सभी संस्थाओं को गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने में लगी हुई है, और इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि आगे कबी ऐसे संकट से ना जूझना पड़े.

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