34000 रुपये की जैकेट पर 21000 रुपये का भरा टैक्स, क्या पैसे वापस करेगी सरकार? जानें पूरा मामला

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आमतौर पर खरीदारी करते वक्त कई बार हमें अच्छी डील पर बेहतर क्वॉलिटी का सामान मिल जाता है. हालांकि, कई दफा पेमेंट करते वक्त पैरों तले उस वक्त जमीन खिसक जाती है, जब पता चलता है कि कीमत के बराबर उससे टैक्स वसूला जा रहा है. कुछ ऐसे ही वाक्ये से रूबरू हुए मैसाचुसेट्स (massachusetts) के पर्सनल ट्रेनर एलेक्स ग्रोसोमेनाइड्स (Alex Grossomanides). 

क्या है मामला? 

एलेक्स ने पिछले साल फ्रांस की एक कंपनी से ऑनलाइन जैकेट खरीदा. अमेरिका में जब उन्हें जैकेट की डिलीवरी मिली, तो उन्हें 248.04 डॉलर (लगभग 21000 रुपये) का एक्स्ट्रा टैक्स भरना पड़ा. इससे एलेक्स को बड़ी हैरानी हुई. यह टैक्स इसलिए भरना पड़ा क्योंकि जैकेट म्यांमार में बनी थी. उस दौरान म्यांमार से अमेरिका आने वाले सामानों पर 40 परसेंट की दर से टैरिफ वसूला जा रहा था.

इसके चलते ही कोट पर एक्स्ट्रा कॉस्ट का बोझ बढ़ गया. एलेक्स ने शिपिंग कंपनी DHP के जरिए टैरिफ का भुगतान करना पड़ा. बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए टैरिफ को अमान्य करार दिया है. इसके साथ ही रिफंड की एक प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रिपेमेंट प्रोग्राम बनने जा रहा है. 

ग्राहकों ने की रिफंड की मांग

मामला जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट में लड़ा गया, तो दोनों ही कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति म्यांमार जैसे देशों से आने वाले सामान पर लगाए गए टैरिफ अवैध थे. एलेक्स की ही तरह कुछ दूसरे ग्राहकों ने भी कंपनियों के खिलाफ सामूहिक मुकदमा दर्ज करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें जो रिफंड मिलेगा, वह उन्हें वापस किया जाए. कोर्ट ने ग्राहकों को रिफंड दिए जाने का फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि टैरिफ इम्पोर्टर्स पर लागू होते हैं इसलिए एलेक्स जैसे आम ग्राहकों को पैसा लौटाना पड़ेगा. 

कब से शुरू होगा रिफंड प्रॉसेस?

मार्च में US Court of International Trade ने कस्टम अधिकारियों को आदेश दिया कि वे सरकार द्वारा जमा किए गए 160 बिलियन डॉलर (करीब 13 लाख रुपये) से ज्यादा की रकम वापस करें. इससे लगभग 330,000 इंपोर्टर्स को अपनी कुछ रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है. इस मामले पर काम कर रहे कस्टम अधिकारियों ने बताया है कि रिफंड सिस्टम इस महीने शुरू होने के लिए तैयार हो जाना चाहिए. उन्हें 14 अप्रैल को Court of International Trade को अपनी प्रगति के बारे में जानकारी देनी है.

हालांकि अदालत के आदेश के बावजूद एलेक्स जैसे कस्टमर्स को पैसा मिलना अभी निश्चित नहीं है क्योंकि चूंकि यह रिफंड DHL या दूसरी शिपिंग कंपनियों जैसे इम्पोर्टर्स को दिए जाएंगे. अब कंपनियां ये पैसे कब तक ग्राहकों को लौटाएगी या खुद अपने पास रख लेगी यह चिंता का विषय है.  

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