Food Inflation India: भारत में रिटेल महंगाई फरवरी के 3.21 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 3.40 प्रतिशत के आंकड़े पर पहुंच गई है. इस बढ़त के पीछे खाने-पीने की वस्तुओं और पेय पदार्थों की कीमतों में तेजी के साथ-साथ ऊर्जा की कीमतों में आई उछाल को बताया जा रहा है.
लोगों की खाने की थाली पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भी देखने को मिला है. हालांकि, इस तेजी के बाद भी यह आंकड़ा 4 से नीचे बना हुआ है. जो आम लोगों के लिए थोड़ी राहत देने वाली बात है.
खाने-पीने के सामान हुए महंगे
आंकड़ों की बात करें तो, मार्च महीने में फूड इन्फ्लेशन बढ़कर 3.87 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है. फरवरी में यह आंकड़ा 3.47 फीसदी था. यानी कि हर दिन इस्तेमाल होने वाली खाने-पीने की चीजों के दाम में बढ़ोतरी देखी गई है. जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है.
ग्रामीण और शहरी आंकड़ों की बात करें, तो गांवों में फूड इन्फ्लेशन 3.96 फीसदी दर्ज की गई है. वहीं, शहरों में यह 3.71 प्रतिशत है. इससे साफ है कि महंगाई का असर शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों तक भी महसूस की जा रही है.
केंद्रीय बैंक की तैयारी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव न करने का फैसला लिया था. इसके बाद महंगाई के आंकड़े जारी किए गए है. 8 अप्रैल को हुई बैठक में RBI ने सतर्क रूख अपनाया था.
केंद्रीय बैंक की नजर खास तौर पर बढ़ती तेल कीमतों पर है, क्योंकि इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. साथ ही RBI ने यह भी साफ किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह मुद्रा में ज्यादा उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए फैसले कर सकता है.
इन राज्यों में सबसे अधिक महंगाई
ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्यों में महंगाई का असर अलग-अलग स्तर पर देखने को मिला. तेलंगाना में सबसे ज्यादा 5.83 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई. इसके बाद आंध्र प्रदेश में 4.05 फीसदी, कर्नाटक में 3.96 फीसदी, तमिलनाडु में 3.77 फीसदी और राजस्थान में 3.64 प्रतिशत महंगाई दर रही.
यह भी पढ़ें:
इधर नोएडा जल रहा, उधर इस राज्य ने मजदूरों को दे दी बड़ी सौगात, हर महीने मिलेंगे कम से कम 15221 रुपए