देश की इस झील को क्यों कहा जाता है ‘आंसुओं का पानी’, जानें किस राज्य में मौजूद है यह जगह?

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भारत में कई ऐसी खूबसूरत जगह है, जो अपनी सुंदरता के लिए तो प्रसिद्ध हैं ही लेकिन उनकी अनोखी कहानियां भी बहुत प्रसिद्ध हैं. इन्हीं में से एक उमियम(Umiam) लेक है, जो “आंसुओं का पानी” या “water of tears” के नाम से जाना जाता है. यह लेक दुनिया भर में अपनी सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस झील को आंसुओं से क्यों जोड़ा जाता है, आइए जानते हैं?

उमियम झील का नाम और उसकी कहानी

उमियम नाम खासी भाषा से आया है. खासी भाषा में  Um का अर्थ है पानी और iam का अर्थ है आंसू, इसलिए इसे water of tears कहा जाता है. साथ ही इस झील को ‘आंसुओं का पानी’ कहे जाने के पीछे एक पुरानी कहानी भी है. खासी लोककथा के अनुसार, इस झील का निर्माण दुख की वजह से हुआ था. मानते हैं कि दो बहनें स्वर्ग से धरती पर घूमने आई थी,लेकिन रास्ते में एक बहन खो गई. दूसरी बहन के बहुत ढूंढने पर भी वह कहीं नहीं मिली.  इस दुख में वह इतना रोई कि उसके आंसुओं से यह झील का निर्माण हुआ. यही वजह है कि इसे ‘आंसुओं का पानी’ कहा जाता है. यह कहानी इस झील को एक रहस्यमयी रूप देती है. स्थानीय लोग इसे ‘बारापानी’ के नाम से भी जानते हैं, जिसका अर्थ होता है ‘बड़ा पानी’.

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मेघालय में स्थित यह खूबसूरत झील

यह खूबसूरत झील मेघालय राज्य में स्थित है और शिलॉन्ग से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर है. चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ों का नजारा और साफ पानी इस जगह को बेहद आकर्षक बना देता है. यही वजह है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं. यहां का शांत वातावरण और ठंडी हवाएं लोगों को सुकून देती हैं.  जो लोग शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय शांति में बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह बेहद खास साबित हो सकती है.

घूमने का सही समय और अनुभव

उमियम झील घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच होता है. इसे सबसे अच्छा इसलिए माना जाता है क्योंकि इस दौरान बारिश कम होती है. वहीं जो यात्री बारिश पसंद करते हैं, वे मानसून के दौरान भी अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं, क्योंकि उस समय भी यह बहुत सुंदर होती है.

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