CBSE 10th Result 2026: CBSE 10वीं के रिजल्ट में हर्षा ने कर दिया कमाल, 500 में 500 अंक लाकर रचा इतिहास

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सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से शानदार खबर सामने आई. रुद्रपुर की रहने वाली छात्रा हर्षा ने 500 में से पूरे 500 अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. इस असाधारण उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले और राज्य को गौरवान्वित किया है.

डीपीएस की स्टूडेंट हैं हर्षा

रुद्रपुर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा हर्षा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर यह मुकाम हासिल किया. जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, स्कूल परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई. शिक्षकों, सहपाठियों और अभिभावकों ने हर्षा की इस शानदार सफलता पर गर्व जताया. इसके बाद हर्षा को बधाई देने वालों का तांता लग गया.

स्कूल मैनेजमेंट ने कही यह बात

हर्षा की इस उपलब्धि को स्कूल प्रशासन ने भी बेहद प्रेरणादायक बताया. स्कूल के चेयरमैन सुरजीत सिंह ने कहा कि हर्षा ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए तो कोई भी सफलता असंभव नहीं होती. उन्होंने बताया कि हर्षा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.

कैसे मिली यह कामयाबी?

हर्षा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें खुद भी इतने शानदार परिणाम की उम्मीद नहीं थी, लेकिन उन्होंने पूरे मन से पढ़ाई की और नियमित अभ्यास जारी रखा. हर्षा के अनुसार, शिक्षकों के सरल और स्पष्ट मार्गदर्शन के साथ-साथ परिवार का सहयोग उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा.

बिना ट्यूशन मिली सफलता

सबसे खास बात यह है कि हर्षा ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए किसी भी प्रकार की कोचिंग या ट्यूशन का सहारा नहीं लिया. उन्होंने पूरी तरह से सेल्फी स्टडी और समय-समय पर अभ्यास के जरिए अपनी तैयारी की. उनकी यह सफलता उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो मानते हैं कि बिना कोचिंग के अच्छे अंक प्राप्त करना मुश्किल होता है.

मां ने ऐसे जाहिर की खुशी

हर्षा की मां ने भी बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई और कहा कि हर्षा शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही है. उसने हर विषय को समझने और उसे बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए लगातार मेहनत की. उन्होंने कहा कि हर्षा का समर्पण और अनुशासन ही उसकी सफलता का मुख्य कारण है. हर्षा की यह उपलब्धि न केवल उसके परिवार और स्कूल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है. उसकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास हो तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

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