8th Pay commission: केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी इस समय अपने आठवें वेतनमान की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इनके लिए बड़ी राहत लेकर आएगा. अगर ये जल्दी ही लागू होता है तो कर्मचारियों की ‘टेक-होम’ सैलरी में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. यहां हम आपको इससे जुड़ा थोड़ा सा गणित समझाते हैं.
कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
एक्सपर्ट्स की मानें तो, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.5 या उससे ज्यादा किया जा सकता है. फिटमेंट फैक्टर के बढ़ने का सीधा असर बेसिक सैलरी पर पड़ता है. उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की मिनिमम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है, तो नए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ये बढ़कर करीब 25 हजार से 30 हजार रुपये तक पहुंच सकती है. इससे कुल सैलरी जो आप घर ले जाएंगे अच्छी खासी बढ़ जाएगी.
‘टेक-होम’ सैलरी का फॉर्मुला
रिवाइज्ड बेसिक पे= करें बेसिक पे*फिटमेंट फैक्टर
टेक-होम सैलरी पर असर
बेसिक सैलरी बढ़ने से महंगाई भत्ता (DA) भी बढ़ेगा.
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्ते भी बढ़ेंगे.
कुल ग्रॉस सैलरी बढ़ने से इन-हैंड सैलरी ज्यादा होगी.
हालांकि, कुछ मामलों में पीएफ (PF) और अन्य कटौतियां बढ़ने से शुरुआती तौर पर टेक-होम में थोड़ा अंतर भी आ सकता है, लेकिन कुल मिलाकर फायदा ज्यादा ही रहेगा.
‘टेक-होम’ सैलरी में क्या- क्या होता है शामिल?
आपकी एक महीने की सैलरी में सिर्फ बेसिक ही नहीं बल्कि और भी बहुत सारे अलाउंस शामिल होते हैं. आइये बताते हैं.
बेसिक पे: लगभग 51.5%
महंगाई भत्ता (DA): लगभग 30.9%
एचआरए (HRA): लगभग 15.4%
ट्रांसपोर्ट अलाउंस: लगभग 2.2%
बता दें कि DA शुरू में रीसेट होता है, इसलिए नए आयोग के तहत आपकी पहली पे स्लिप में बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी होने पर भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दिखेगी.
आपको बता दें कि 8वें वेतन मान की घोषणा को लेकर इस बार देरी हो गई है. जिससे कर्मचारियों के बीच काफी हलचल है. जो घोषणा मार्च के अंत तक हो जाती है, उसे अभी तक नहीं किया गया है. ऐसे में कर्मचारी वर्ग के बीच कस्मकश बनी हुई है. हालांकि उम्मीद है कि जल्दी ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी.