Aluminium Foil Door Trick: दरवाजे के हैंडल पर क्यों लपेट रहे हैं लोग एल्युमिनियम फॉयल? वजह जानकर चौंक जाएंगे

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Does Aluminium Foil On Door Handle Prevent Theft: घर की सुरक्षा के लिए लोग आमतौर पर महंगे कैमरे, अलार्म सिस्टम या स्मार्ट डिवाइस लगाने के बारे में सोचते हैं, लेकिन हाल के दिनों में एक दिलचस्प और सस्ता तरीका भी चर्चा में है, वह है दरवाजे के हैंडल पर एल्युमिनियम फॉयल लपेटना. चलिए आपको बताते हैं कि यह कैसे काम करता है और यह सुरक्षा के लिए काफी है. 

कैसे करता है यह काम

पहली नजर में यह तरीका थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे एक सीधी और समझदार सोच काम करती है. फॉयल दरअसल टैंपर इंडिकेटर की तरह काम करता है. अगर कोई व्यक्ति दरवाजे को छेड़ता है, तो फॉयल तुरंत फट जाती है या अपनी जगह से हट जाती है. इससे घर के अंदर मौजूद व्यक्ति को साफ संकेत मिल जाता है कि किसी ने दरवाजे को खोलने की कोशिश की है. इसके अलावा, फॉयल के हिलने या फटने पर हल्की आवाज भी होती है, जो एक तरह का अलार्म बन जाती है.

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किन जगहों के लिए यह तरीका कारगर

यह तरीका खासतौर पर घर के पिछले दरवाजों, साइड एंट्री या उन जगहों के लिए उपयोगी माना जाता है, जहां निगरानी कम होती है. इस ट्रिक के पीछे सिर्फ घरेलू जुगाड़ नहीं, बल्कि कुछ साइंटफिक और साइकोलॉजिस्ट आधार भी हैं. प्रसेप्चुअल डिट्रेंस एमोंग एक्टिव रेजिडेंशियल बर्गलर्स नाम की एक स्टडी बताती है कि चोर किसी भी घर में घुसने से पहले यह आकलन करते हैं कि पकड़े जाने का खतरा कितना है. अगर उन्हें जरा सा भी संकेत मिलता है कि घर की निगरानी हो रही है, तो वे अक्सर उस जगह को छोड़ देते हैं. 

इसी तरह क्राइम प्रिवेंशन इन रेजिडेंशियल एरियाज पर हुई एक अन्य रिसर्च में पाया गया कि आसपास का माहौल और छोटे-छोटे संकेत भी अपराध को रोकने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. फॉयल की चमक और उसकी आवाज, दोनों मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं जिससे किसी अनजान व्यक्ति को लगे कि यहां सतर्कता है. 

क्या होता है साइकोलॉजिकल पहलू 

फॉयल का एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी होता है। इसकी चमक कई बार कैमरे या सेंसर जैसी चीज़ों का भ्रम पैदा करती है, जिससे संभावित चोर को लगता है कि वह नजर में है. जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल साइकोलॉजी में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, ऐसे संकेत जो निगरानी का एहसास कराते हैं, किसी भी संपत्ति को अपराधियों के लिए कम आकर्षक बना देते हैं.

क्या यह पूरी तरह सुरक्षा का पैमाना

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सिर्फ फॉयल लगाना पूरी सुरक्षा का समाधान नहीं है. मजबूत ताले, सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम जैसी बेसिक सुरक्षा व्यवस्था हमेशा जरूरी रहती है. लेकिन जब इन उपायों के साथ फॉयल जैसी छोटी तकनीक जोड़ दी जाए, तो सुरक्षा का स्तर और बेहतर हो सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बेहद सस्ता, आसान और तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है. खासकर किराए के घरों में, जहां स्थायी बदलाव करना संभव नहीं होता, वहां यह एक अच्छा विकल्प बन सकता है.

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