Iran War LPG Supply India: सीज़फायर के बाद ईरान ने समुद्री व्यापार को लेकर एक अहम घोषणा की है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अब सभी कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया है. ईरान के इस फैसले से भारत ने चैन की सांस ली है. युद्ध शुरू होने के कारण भारत में एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई का संकट शुरू हो गया था, लेकिन अब यह संकट टलता नजर आ रहा है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी दी कि जब तक युद्धविराम लागू है, तब तक सभी कमर्शियल जहाज सुरक्षित तरीके से इस रास्ते से बिना किसी रुकावट के गुजर सकेंगे. ईरान ने यह फैसला लेबनान में हाल ही में घोषित 10 दिनों के युद्धविराम के बाद लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ने ईरान के इस फैसले का स्वागत किया है और धन्यवाद दिया है.
होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ईरान के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई चैन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.इससे वैश्विक व्यापार को मजबूती मिलेगी.
भारत पर क्या असर होगा?
होर्मुज का खुलना भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है और इसका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते ही आता है. अब खाड़ी देशों सऊदी अरब, इराक और यूएई से तेल के टैंकर सीधे भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच सकेंगे.
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, महीनों के तनाव और ब्लॉकलेड के बाद अब इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही शुरू हो रही है. आज ही खबर आई है कि 50 लाख बैरल तेल लेकर तीन ईरानी टैंकर होर्मुज के रास्ते रवाना हुए हैं, जो सप्लाई चेन के दोबारा सक्रिय होने का संकेत है. इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है.
एलपीजी पर टेंशन खत्म
बता दें कि भारत की एलपीजी यानी रसोई गैस की आधी से ज्यादा सप्लाई होर्मुज के रास्ते आती थी, जो संकट के दौरान गिरकर आधी रह गई थी. रास्ता खुलने से अब कतर और यूएई से आने वाली गैस की कमी दूर होगी, जिससे देश में रसोई गैस की किल्लत और ऊंचे दामों से राहत मिलने की उम्मीद है.
होर्मुज पर ताजा स्थिति क्या है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज में भारत के कुल 15 से 16 जहाज फंसे हुए थे. इनमें मुख्य रूप से एलपीजी और कच्चे तेल के टैंकर शामिल थे. हाल ही में ‘जग विक्रम’, ‘ग्रीन साल्वी’ और ‘ग्रीन आशा’ जैसे जहाजों ने सुरक्षित रूप से होर्मुज को पार किया है. अभी भी कुछ जहाज रास्ते में हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना निगरानी कर रही है.
यह भी पढ़ें-