
कई हिंदू घरों में दिन की पहली प्रार्थना एक ऐसे नाम के साथ की जाती है, जिसे बाहरी लोग शायद ही पहचानें. यह कोई प्रसिद्ध देवता नहीं होता जिसकी पूजा मंदिरों और शास्त्रों में बताई गई हो. दरअसल ये परिवार के साथ गहराई से जुड़े संरक्षक होते हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि, वे सदियों से पीढ़ियों की रक्षा करते आ रहे हैं.

इस प्राचीन प्रणाली में परिवार, आत्मा, गांव और यहां तक कि जमीन के संरक्षक भी शामिल हैं. ये दिव्य रक्षक चुपचाप लाखों लोगों के आध्यात्मिक जीवन को आकार देने का काम करते हैं. लेकिन ये पवित्र संरक्षक कौन हैं? और आज भी इनका महत्व इतना क्यों प्रासंगिक (Relevant) है?
Published at : 18 Apr 2026 08:44 AM (IST)