- 14 अप्रैल को खरमास समाप्त, 20 अप्रैल से शुरू होंगे शुभ मुहूर्त।
- हिंदू धर्म में खरमास के बाद होते हैं मांगलिक आयोजन।
- अप्रैल में 20, 21, 25, 27, 28, 29 को शादी के मुहूर्त।
- इस वर्ष बीते वर्षों से अधिक हैं विवाह की तिथियां।
14 अप्रैल से खरमास समाप्त हो रहा है, जिसके बाद अब मांगलिक आयोजन की शुरुआत हो जाएगी. विशेष तौर पर हिंदू धर्म में खरमास की अवधि के दौरान कोई भी शुभ कार्य और मांगलिक आयोजन नहीं किए जाते हैं. ऐसे में 14 अप्रैल की तिथि के बाद वह लोग, जो मांगलिक आयोजन को संपन्न करने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए अच्छी खबर है.
खरमास समाप्त होने के ठीक 6 दिन बाद 20 अप्रैल से शादी के भी लग्न मुहूर्त शुरू हो रहे हैं.
20 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे शादी के मुहूर्त
काशी की परंपराओं के जानकार ज्योतिष विद पं. संजय उपाध्याय ने एबीपी लाइव से बातचीत के दौरान बताया कि 14 अप्रैल को सुबह 11:45 बजे, मंगलवार के दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश कर रहा है. इस अवधि के बाद से ही खरमास समाप्त हो जाएगा.
विशेष तौर पर हिंदू धर्म में खरमास में किसी भी मांगलिक आयोजन और शुभ कार्य करने की परंपरा नहीं रही है. ऐसे में लोग इसके ठीक बाद अच्छे लग्न मुहूर्त का इंतजार करते हैं.
खरमास समाप्त होने के 6 दिन बाद इस बार शादी का लग्न मुहूर्त शुरू हो रहा है. 20 अप्रैल से लोगों के घरों में शादी अथवा अन्य मांगलिक आयोजन शुरू हो जाएंगे. 14 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास की तिथि रही.
अप्रैल माह में शादी लग्न की अनेक तिथियां
जानकारों की मानें तो इस वर्ष बीते वर्षों की तुलना में शादी व मांगलिक आयोजन के लिए लग्न तिथियां अधिक हैं. खरमास समाप्त होने के बाद 20 अप्रैल, 21 अप्रैल, 25 अप्रैल, 27, 28, 29 अप्रैल को शादी के लिए उचित नक्षत्र, अच्छा मुहूर्त और तिथि निर्धारित है.
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इन दिनों बड़ी संख्या में वैवाहिक आयोजन संपन्न किए जाएंगे.
बनारसी पंचांग के अनुसार, इस बार शादी से जुड़े 38 शुभ मुहूर्त हैं. इन मुहूर्तों में विवाह करना बेहद शुभ रहेगा.
वहीं मिथिला पंचांग के अनुसार कुल 21 लग्न शुभ हैं, जिनमें शादी-विवाह किया जा सकता है. लोग अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार तिथि का चयन कर सकते हैं.
एक बार मलमास खत्म हुआ तो फिर चातुर्मास शुरू हो जाएगा. ऐसे में करीब 4 महीने तक किसी भी तरह के मांगलिक कार्य का आयोजन पूर्ण रूप से बंद हो जाएगा.
विवाह का शुभ मुहूर्त अप्रेल से जुलाई तक
बनारसी पंचांग के अनुसार, अप्रैल में शादी के लिए 15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29, 30
मई में 1, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12, 13, 14
जून में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 27, 28, 29
जुलाई में 1, 2, 6, 7, 8, 12
हिंदू पंचांग के अनुसार, खरमास के दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्य करने से बचा जाता है. लेकिन आज खरमास समाप्त हो चुका है. एक महीने से रुके हुए तमाम शुभ और मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे.
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, खरमास का काल अशुभ माना जाता है, इसलिए इस अवधि में शादी, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ और नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए.
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