500-1000 Notes RBI News: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारत का सेंट्रल बैंक यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 500 और 1000 के पुराने नोटों को बदलने के लिए नए नियम लेकर आया है. इस दावे को लेकर हर ओर चर्चाएं हो रही हैं. अब पीआईबी ने खुद इस दावे की सच्चाई बताई है.
सबसे पहले जानें दावा क्या है?
सोशल मीडिया पर एक खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है. इस खबर की हेडलाइन है, ”RBI Issues New Rules for old 500 and 1000 notes, know the complete information.” इतना ही नहीं खबर के साथ आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा का फोटा भी लगा है. साथ में पांच सौ के पुराने नोट की तस्वीर भी है.
पीआईबी ने बताई दावे की सच्चाई
पीआईबी ने इस दावे का फैक्ट चेक किया. पीआईबी ने एक्स पर लिखा है, ”यह दावा फ़र्ज़ी है. RBI ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है. वित्तीय नियमों और करेंसी से जुड़ी घोषणाओं के अपडेट के लिए RBI की आधिकारिक वेबसाइट ही एकमात्र भरोसेमंद ज़रिया है.”
Has RBI really announced ‘new rules’ for exchanging old ₹500 & ₹1000 notes❓
Some news reports claim that the Reserve Bank of India (@RBI) has issued new guidelines to exchange discontinued currency notes.#PIBFactCheck
❌ This claim is FAKE!
❌RBI has made NO such… pic.twitter.com/8ph2mlCrLT
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 17, 2026
इसके सात ही पीआईबी ने जनता से अपील भी की है. पीआईबी ने लिखा है, ”कभी भी बिना जांचे-परखे मैसेज आगे न भेजें. सावधान रहें और सिर्फ़ भरोसेमंद आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही शेयर करें. अगर आपको केंद्र सरकार से जुड़ा कोई भी संदिग्ध मैसेज, फ़ोटो या वीडियो मिलता है तो उसे हमें भेजें. हम आपके लिए उसकी जांच करेंगे.”
भारत में कब बंद हुए थे 500 और 1000 के नोट?
बता दें कि 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तब चल रहे ₹500 और एक हजार के नोटों को बंद करने का ऐलान किया था. ये नोटबंदी थी. आरबीआई ने 500 के पुराने नोट के स्थान पर 500 का नया नोट छापा था. वहीं एक हजार के नोट के बदले 2000 का नोट आया था. हालांकि आरबीआई ने 2000 रुपए के नोटों को भी चलन से बाहर करने का फैसला किया था, जिन्हें बदलने या जमा करने की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है. सरकार के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य काले धन पर लगाम लगाना, जाली नोटों के चलन को समाप्त करना और भ्रष्टाचार व आतंकवाद की फंडिंग को रोकना था.
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