RAS Result 2024: सिरोही में एक ही परिवार के तीन भाई-बहन बने आरएएस अधिकारी, RAS की परीक्षा में रचा इतिहास

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राजस्थान में सिरोही जिले के झाड़ोली गांव से प्रेरणादायक और अनोखी सफलता की कहानी सामने आई है. एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहनों ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. इस उपलब्धि ने क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बना दिया है.

तीनों भाई-बहनों ने हासिल की शानदार रैंक

इस परीक्षा में सबसे छोटे भाई परमवीर सिंह ने 24वीं रैंक हासिल की है, जबकि बहन सेजल कुंवर ने 120वीं और बड़े भाई महिपाल सिंह ने 931वीं रैंक हासिल की है. जिले में संभवतः यह पहला अवसर है, जब एक ही परिवार के तीन सदस्य एक साथ आरएएस में चयनित हुए हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है.

पहले भी चयनित, फिर भी नहीं रुके प्रयास

खास बात यह है कि परमवीर सिंह और सेजल कुंवर का पहले भी आरएएस में चयन हो चुका था. परमवीर ने वर्ष 2023 में पहले ही प्रयास में 66वीं रैंक प्राप्त कर डीएसपी पद हासिल किया था और वर्तमान में जयपुर स्थित ओटीएस में प्रशिक्षण ले रहे हैं. वहीं, सेजल कुंवर ने दूसरे प्रयास में 522वीं रैंक प्राप्त कर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में प्रवर्तन निरीक्षक का पद प्राप्त किया और फिलहाल जोधपुर में कार्यरत हैं. इसके बावजूद दोनों ने बेहतर रैंक के लक्ष्य के साथ दोबारा परीक्षा दी और इस बार अपने बड़े भाई के साथ सफलता हासिल की.

तीसरे प्रयास में महिपाल को मिली सफलता

परिवार के बड़े बेटे महिपाल सिंह पहले प्रयासों में चयन से वंचित रह गए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. लगातार प्रयास और दृढ़ संकल्प के साथ तीसरे प्रयास में उन्होंने भी आरएएस परीक्षा पास कर ली. उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और धैर्य से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है.

घर पर रहकर की तैयारी, परिवार का मिला सहयोग

तीनों भाई-बहनों के पिता लालसिंह सिरोही जिले के राजपुरा बालदा गांव में द्वितीय श्रेणी शिक्षक हैं, जबकि माता गृहिणी हैं. पिता ने बताया कि बच्चों ने घर पर रहकर ही नियमित अध्ययन और अनुशासन के साथ तैयारी की. परिवार का सहयोग और बच्चों की मेहनत इस सफलता की सबसे बड़ी वजह रही.

प्रशासनिक सेवा में जाकर करना चाहते हैं समाज सेवा

परिवार के मामा एवं आयुर्वेद चिकित्साधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों का लक्ष्य शुरू से ही प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना था. इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने निरंतर तैयारी जारी रखी और आज यह मुकाम हासिल किया.

गांव में जश्न का माहौल

तीनों भाई-बहनों के एक साथ चयन से झाड़ोली गांव में उत्सव जैसा माहौल है. ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं. यह सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से हर सपना साकार किया जा सकता है.

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