तेल की कीमतें घटाएगा 100 साल पुराना कानून, क्या है जोन्स एक्ट, जिस पर ट्रंप ने लिया ये फैसला?

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Trump on Crude Oil: पिछले कई दिनों से यूएस और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर काफी देखा जा रहा था. जिसके चलते वैश्विक बाजार में क्रूड ऑइल की तंगी देखी गई. यहां तक कि भारत में भी गैस की किल्लत की वजह से लोग काफी परेशान नजर आए. इसी बीच अब लोगों के लिए एक खुशखबरी आई है, जिससे अब तेल की कीमतें घट सकती हैं.

ट्रंप ने लिया बड़ा फैसला?
दरअसल देशभर में चल रहे हालातों के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घरेलू बंदरगाहों के बीच तेल और फ्यूल के मूमेंट को और आसान बनाने के लिए जोन्स एक्ट में दी गई छूट को आगे बढ़ाने का फैसला करने पर विचार किया है. 18 मार्च को 60 दिनों के लिए लागू की गई इस टेम्पररी छूट के तहत, विदेश झंडों वाले जहाजों को संयुक्त राज्य अमेरिका में एनर्जी सप्लाई की इजाजत दी गई है. प्रशासन के बीच चल रहा डिस्कशन इस छूट को नए सिरे से लागू करने की कवायद कर रहा है. जो 1920 के मर्चेंट मरीन एक्ट के तहत अनिवार्यताओं में ढील देती है.

क्या है जोन्स एक्ट?
बता दें कि जोन्स एक्ट (Jones Act) को 1920 के मर्चेंट मरीन एक्ट की धारा 27 के रूप में भी पहचाना जाता है. ये एक अमेरिकी संघीय कानून है. ये इस बात का ध्यान रखता है कि अमेरिका के घरेलू बंदरगाहों के बीच माल परिवहन के लिए काम में लाए जाने वाले जहाज अमेरिका में बने, अमेरिका के मालिकाना हक वाले और अमेरिकी ड्राइवर द्वारा संचालित होने चाहिए. ‘द जोन्स एक्ट’ सबसे पहले वर्ल्ड वॉर 1 के बाद आया था, जिसके जरिए अमेरिका की शिपिंग इंडस्ट्री की नेशनल सिक्योरिटी और तटीय व्यापार की रक्षा की जा सके. इस एक्ट के जरिए ही नाविकों सुरक्षा भी की जाती है. राष्ट्रीय सुरक्षा या आपातकालीन स्थितियों में इस एक्ट की वजह से ही, अमेरिकी सरकार इस कानून में अस्थायी छूट दे सकती है, जैसा कि हाल ही में दी जा रही है.



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