Tax Saving: टैक्स भरने वाले सभी व्यक्ति अक्सर उन टिप्स और ट्रिक्स के बारे में सोचते हैं जिनकी मदद से वो अपना ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचा पाएं. कोई भी बड़ी चीज खरीदने से पहले व्यक्ति का दिमाग इसी जगह पर लगता है कि कैसे इसका टैक्स बचाया जाए. जैसे जब कोई व्यक्ति कार खरीदता है तो उसका लाखों का टैक्स लग जाता है. इसका एक आसान उपाय है हमारे पास और वो है लीज पर कार लेना. इससे लाखों का टैक्स बचाया जा सकता है.
कार लीजिंग क्या है?
जो लोग नहीं जानते हैं उन्हें बता दें कि कार लीजिंग का आसान भाषा में मतलब है कार को किराए पर लेना. इसके लिए हर महीने आपको एक बंधा किराया देना पड़ता है. कार आपके नाम पर नहीं होती, उस कंपनी के नाम पर होती है जिससे आपने लीज पर कार ली है. लेकिन मालिकाना हक जब तक आप लीज भर रहे हैं तब तक आपके ही पास होता है. ये बिलकुल वैसे ही होता है जैसे हम किराए के मकन में रहते हैं.
कार लीजिंग से बचेगा टैक्स
कार को किराए पर लेने से के बहुत सारे फायदे होते हैं, नमें से एक फायदा है टैक्स की बचत, आइये बताते हैं इससे कैसे आपका लाखों का टैक्स बचाया जा सकता है.
- आप जिस कंपनी में काम करते हैं वही कंपनी आपको लीज पर कार देती है.
- कार लीज की लागत आपकी ग्रॉस सैलरी में एडजस्ट की जाती है. पैकेज की संरचना को उसी हिसाब से डिजाइन किया जाता है.
- कंपनी की तरफ से दी गई कार में टैक्स की गिनती वास्तविक व्यय के बजाय कर नियमों के आधार पर जैसे इंजन का आकार और उपयोगिता पर की जाती है.
- ये वैल्यू खरीदी हुई कार की लागत से कम हो सकती है.
- लीज पर ली गई कार का पेट्रोल- डीजल या गैस, ड्राइवर का खर्च ये सब कंपनी के द्वारा ही दिया जाता है.
- ये खर्चे आपके पर्सनल खर्चे से तो बचते ही हैं साथ ही साथ टैक्स के लिहाज से भी ये काफी किफायती होते हैं.
क्या कहता है नया टैक्स रिजाइम
नए टैक्स रिजाइम का फोकस टैक्स की कीमतों को कम करने पर है, जिससे मिनिमम छूट मिल सके. जिसके परिणामस्वरूप, टैक्स प्लानिंग में क्लेम डिडक्शन की जगह नियमों के दायरे में मुआवजे की संरचना पर जोर दिया जा रहा है.