भारी गिरावट से हिला आईटी सेक्टर, निवेशकों का भरोसा डगमगाया; क्या अब भी बची है वापसी की राह?

370d17fe6c7573cd16677e63bab6e70c17771380220871315 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • मध्य पूर्व तनाव और AI वृद्धि से आईटी कंपनियां दबाव में।
  • चौथी तिमाही नतीजे कमजोर, 5 साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट।
  • टेक कंपनियों का मार्केट वैल्यू 2.5 लाख करोड़ रुपये घटा।
  • विदेशी निवेशकों ने 20,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की।

IT Sector Crash: हाल के दिनों में शेयर बाजार में जो कमजोरी देखने को मिली है. इसमें आईटी सेक्टर पर भी असर साफ नजर आया है. दरअसल, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से पहले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के कारण आईटी कंपनियां दबाव में थी. जिसका असर चौथी तिमाही के नतीजों के बाद और ज्यादा दिखने लगा है. 

इस माहौल में Wipro, Tata Consultancy Services Ltd, Infosys और HCL Technologies जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट आई. यही वजह रही कि पिछले हफ्ते पूरे आईटी सेक्टर में बीते पांच साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. आइए जानते हैं, इस बारे में.

कमजोर संकेतों से टूटा आईटी इंडेक्स

आईटी कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं. साथ ही मैनेजमेंट ने भी आगे के लिए ज्यादा उम्मीद नहीं जताई है. इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और निफ्टी आईटी इंडेक्स एक ही हफ्ते में करीब 10 प्रतिशत तक गिर गया. जिसकी वजह से पिछले कुछ सप्ताह की तेजी खत्म हो गई.  

गिरावट का दबाव इतना ज्यादा रहा है कि टेक कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली. आंकड़ों की बात करें तो, मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है. इससे पहले इतनी बड़ी गिरावट कोविड-19 के समय देखने को मिली थी. उस समय इंडेक्स करीब 13.6 प्रतिशत तक टूट गया था. 

बिकवाली के दबाव में आईटी सेक्टर

हाल की गिरावट का सबसे ज्यादा असर उन बड़ी आईटी कंपनियों पर पड़ा है, जो पूरे सेक्टर की ग्रोथ की वजह बनी रहती हैं.  Infosys, Tata Consultancy Services Ltd, Wipro और HCL Technologies जैसे दिग्गज शेयरों के चार्ट भी कमजोर हुए हैं. जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई हैं.

ऐसे माहौल के बीच रिटेल निवेशकों के साथ-साथ एफआईआई भी लगातार अपने पैसे निकाल रहे हैं. खासकर विदेशी निवेशकों ने इस साल 15 अप्रैल तक करीब 20,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. जिसकी वजह से पूरे सेक्टर पर दबाव बना हुआ है. 

आईटी सेक्टर पर फिलहाल सतर्क रुख

मार्केट एक्सपर्ट्स अभी बड़े आईटी शेयरों को लेकर ज्यादा पॉजिटिव नजरिया नहीं रख रहे हैं. उनका मानना है कि इस सेक्टर में सिर्फ कीमतों में ही नहीं, बल्कि आगे चलकर और गिरावट देखने को मिल सकती है. ऐसे में आने वाली 2 से 3 तिमाहियों तक निवेशकों को किसी बड़े या अच्छे रिटर्न की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. फिलहाल पूरा सेक्टर दबाव में बना रह सकता है.

यह भी पढ़ें:

तपती धूप और लू से बचना है आसान, बस अपने साथ रखें ये 4 जरूरी सामान; जरूर मिलेगी राहत

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *