रमेश सिप्पी ने हेमा मालिनी को लेकर की बात, बोले- वो कई बार कहानी में मौजूद बड़े पुरुष किरदारों पर भारी पड़ जाती थीं

695b4dc096ed38a6d7c2495b6f3e843f17810209427311414 original


बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी को लोग ‘ड्रीम गर्ल’ कहकर बुलाते हैं. उनकी फिल्मों ने जहां दर्शकों का दिल जीता, वहीं उनके किरदार ने दिलों पर अलग ही छाप छोड़े. हेमा मालिनी की इसी खासियत को लेकर मशहूर फिल्मकार रमेश सिप्पी ने आईएएनएस संग बातचीत में बताया कि आखिर क्यों वो अपनी फिल्मों में इतनी यादगार बन गईं. बाद में कुछ ऐसी बातें शेयर की जिसे लेकर फैंस भी काफी ज्यादा एक्साइटेड है.

किरदार में अलग जोश लेकर आती थीं हेमा मालिनी

उन्होंने कहा, ‘हेमा मालिनी की काबिलियत उनकी मेहनत का नतीजा थी. वो इतनी अच्छी कलाकार थीं कि वो कई बार कहानी में मौजूद बड़े पुरुष किरदारों पर भी भारी पड़ जाती थीं. एक कलाकार के अंदर जो चमक होती है, वही स्क्रीन पर दिखाई देती है और हेमा में वह चमक पूरी तरह मौजूद थी.’

ये भी पढे़े़ं: मंडे टेस्ट में बुरी तरह पिटी बॉबी देओल की ‘बंदर’, चार दिनों का कलेक्शन जान लगेगा झटका

60 साल पूरे होने पर हुआ खास कार्यक्रम

दरअसल, यह बातचीत हेमा मालिनी के फिल्मी करियर के 60 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई. इस कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग शामिल हुए.

‘शोले’ की शूटिंग के दौरान आई थीं मुश्किलें

इसके अलावा, एक पुराने इंटरव्यू में जब ‘शोले’ फिल्म के 50 साल पूरे होने पर हेमा मालिनी से बात की गई थी, तो उन्होंने अपने शूटिंग के दिनों की कुछ यादें शेयर की थीं. उन्होंने बताया था, ‘शूटिंग के दौरान मेरी मां को मेरी बहुत चिंता रहती थी, खासकर तब जब तेज गर्मी में नंगे पैर शूटिंग करनी पड़ती थी. गर्म रेत और पत्थरों पर चलना आसान नहीं था, क्योंकि वे चिलचिलाती धूप में बहुत ज्यादा गर्म हो जाते थे.’

ये भी पढे़े़ं: राम चरण की ‘पेद्दी’ अब हिंदी में भी मचाएगी धमाल? मेकर्स ने निकाल दिया ये बंपर ऑफर

गर्म रेत पर नंगे पैर करना पड़ा शूट

हेमा मालिनी ने बताया, ‘मेरी मां चाहती थीं कि मैं पैरों में कुछ ऐसा पहन लूं, जिससे चोट से बचा जा सके, लेकिन ये ज्यादा समय तक टिका नहीं रह पाया. जब डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने ये देखा, तो उन्होंने इसे हटाना के लिए कहा, क्योंकि फिल्म में ये स्क्रीन पर दिख सकता था. इसके बाद मुझे बिना किसी सुरक्षा के ही शूटिंग करनी पड़ी, जो काफी मुश्किल एक्सपीरियंस था.’

आज ‘शोले’ को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक फिल्मों में गिना जाता है. पिछले साल इस फिल्म ने अपने 50 साल पूरे किए, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है.





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *