Evening Snacks Craving: शाम के मनपसंद स्नैक्स हो सकते हैं मोटापा बढ़ने का कारण, ऐसे दूर करें अपनी क्रेविंग

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Evening Snacks Craving: क्या आपको भी शाम में स्नैक्स की क्रेविंग होती है? इससे निपटने के लिए आप तरह-तरह के पकवानों का स्वाद लेते हैं. आपके यही मनपसंद और चटपटे स्नैक्स मोटापा कम न होने का बड़ा कारण हैं. चौंक गए? यह हमारी नहीं, बल्कि एक्सपर्ट्स की राय है.

शाम के समय होने वाली क्रेविंग्स काफी सामान्य है. इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण होते हैं. थकान भरी दिनचर्या के बाद शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है, जिससे ग्लूकोज लेवल कम हो जाता है और कुछ चटपटा खाने की इच्छा बढ़ने लगती है. शाम के समय हंगर हार्मोन घ्रेलिन (Ghrelin) बढ़ सकता है और अगर दिन का खाना सही से न हुआ हो तो क्रेविंग और ज्यादा होती है.

कितना हानिकारक हो सकता है मोटापा?

ओवरईटिंग और शाम की क्रेविंग्स धीरे-धीरे मोटापे का बड़ा कारण बन जाती हैं, क्योंकि इन दोनों का सीधा असर शरीर की कैलोरी बैलेंस और फैट स्टोरेज पर पड़ता है. दिनभर के बाद जब शाम को बार-बार भूख लगती है, तो लोग अक्सर ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स, जैसे तला-भुना, मीठा या पैकेज्ड फूड खा लेते हैं. इससे शरीर में जरूरत से ज्यादा कैलोरी पहुंचती है, जो तुरंत इस्तेमाल नहीं हो पाती और फैट के रूप में जमा होने लगती है.इसके अलावा, बार-बार स्नैक्स लेने से इंसुलिन लेवल बढ़ जाता है, जो फैट स्टोरेज को बढ़ावा देता है. खासकर मीठा और रिफाइंड कार्ब्स खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और फिर गिरता है, जिससे फिर से भूख लगती है और यह एक चक्र बन जाता है.

क्यों लगती है भूख?

कई रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग सुबह और दोपहर के खाने में सही मात्रा में प्रोटीन और फाइबर नहीं लेते, उन्हें शाम को ज्यादा भूख लगती है, जिससे वे Unhealthy खाना खाने लगते हैं. रोजमर्रा के जीवन में होने वाला तनाव भी इसका एक बड़ा कारण हो सकता है.

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कैसे निपटें ईवनिंग क्रेविंग से

नमामी ने आगे बताया कि ‘क्रेविंग से लड़ने के बजाय हमें उनसे समझदारी से निपटना चाहिए. जो लोग वेट लॉस करना चाहते हैं और अपनी ईवनिंग क्रेविंग को कंट्रोल करना चाहते हैं, उन्हें अपने स्नैक्स में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए. इससे आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होगा, जिससे आप ओवरईटिंग से बच पाएंगे.’

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल ने हाल ही में एक रील के जरिए बताया कि ‘खाने की क्रेविंग शाम में सबसे ज्यादा होती है? यह हार्मोन की वजह से होता है. जैसे-जैसे शाम होती है, लेप्टिन (Leptin) नाम का हार्मोन, जो भूख को नियंत्रित करता है, कम होने लगता है. लेप्टिन के गिरते ही शरीर की ऊर्जा भी कम होने लगती है, जिसके बाद दिमाग को शुगर या कार्ब्स की क्रेविंग होने लगती है.’

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