India-New Zealand Free Trade Deal: भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को फ्री-ट्रेड डील (FTA) फाइनल हो गया. दोनों देशों के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए.
यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को एक नए स्तर पर लेकर जाएगा. इसका मकसद दोनों के बीच कारोबार को बढ़ाना, भारतीय एक्सपोटर्स को न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस दिलाना और अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर के निवेश को आकर्षिक करना है.
क्या होता है FTA?
मुक्त व्यापार समझौता या फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाला एक ऐसा समझौता या एक ऐसी डील है, जिसके तहत कारोबार होने वाली कई तरह की चीजों पर कस्टम ड्यूटी को खत्म करना या बहुत कम करना है. इससे सामान सस्ता हो जाता है, जिससे विदेशी बाजारों में देशी चीजों की डिमांड बढ़ती है और इसका फायदा एक्सपोटर्स और कंपनियों को मिलता है.
FTA सिर्फ सामानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डॉक्टर्स, इंजीनियर्स जैसे पेशेवरों के लिए एक जगह से दूसरी जगह आना-जाना आसान बनाना है. इसके तहत, निवेश के नियम भी आसान बनाए जाते हैं.
भारत के लिए इसके फायदे
- 100 परसेंट ड्यूटी-फ्री एक्सेस- न्यूजीलैंड ने भारत के 100 परसेंट उत्पादों या 8284 आइटम्स पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को खत्म कर दिया है. PIB के मुताबिक, इसका सीधा फायदा टेक्सटाइल, लेदर, फार्मास्यूटिकल और इंजीनियरिंग उत्पादों को मिलेगा.
- 20 अरब डॉलर का निवेश- न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत के मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और एग्री-टेक इंडस्ट्री में 20 अरब डॉलका निवेश करने जा रहा है. जाहिर सी बात है कि इससे देश में रोजगार के अवसर बढ़ेगा और भारत नए शिखर पर पहुंचने की ओर अग्रसर होगा.
- कारोबार होगा दोगुना- दोनों देश अगले 5 सालों में आपसी व्यापार को मौजूदा 2.4 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 5 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.
- वीजा और रोजगार के अवसर- न्यूजीलैंड, भारत के इंजीनियर्स, डॉक्टर्स, हेल्थकेयर प्रोफेश्नल्स के लिए हर साल 5000 विशेष बीमा जारी करेगा. इसमें पहली बार AYUSH चिकित्सकों, योगा ट्रेनर्स, भारतीय शेफ को भी प्राथमिकता दी गई है.
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