MOSPI Service Index: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने सोमवार को औपचारिक सेवा क्षेत्र के उत्पादन को हर महीने मापने के लिए ‘सेवा उत्पादन सूचकांक’ (ISP) के नाम से एक नया मासिक संकेतक लाने की तैयारी में है. यह सूचकांक मुख्य रूप से वस्तु एवं सेवा कर (GST) डेटा का इस्तेमाल करेगा, जिससे सेवा क्षेत्र की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा सकेगी.
इसी पर एक ‘अप्रोच पेपर’ जारी करते हुए स्टैटिस्टिक्स मिनिस्ट्री ने सोमवार को 2024-25 को बेस ईयर मानकर इकोनॉमी के फॉर्मल सेक्टर के लिए सर्विस प्रोडक्शन इंडेक्स (ISP) बनाने के अपने प्लान पर 5 मई तक कमेंट्स मांगे. यह पेपर अगले महीने होने वाले Index of Industrial Production (IIP) के संशोधन से ठीक पहले आया है. यह MoSPI द्वारा सरकारी आंकड़ों में किए जा रहे बड़े बदलाव का एक हिस्सा है.
क्या है इसका मकसद?
मौजूदा समय में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए ‘औद्योगिक उत्पादन सूचकांक’ (IIP) मौजूद है, लेकिन सर्विस सेक्टर के लिए ऐसा कोई मासिक संकेतक नहीं है. ISP इसी कमी को दूर करेगा. यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि भारत की जीडीपी में सर्विस सेक्टर का योगदान 50 परसेंट से अधिक है. इसमें थोक और खुदरा व्यापार, परिवहन, भंडारण, दूरसंचार, बैंकिंग, बीमा, रियल एस्टेट, होटल व रेस्टोरेंट्स जैसे 40 से अधिक उप-क्षेत्र शामिल होंगे.
डेटा का क्या होगा सोर्स?
जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि GST नेटवर्क इसका प्राथमिक स्त्रोत होगा, जो विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादन और आपूर्ति के आंकड़ों की जानकारी देगा. इसके अलावा, GST से छूट प्राप्त क्षेत्रों जैसे कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए मंत्रालयों और अन्य संगठनों के प्रशासनिक डेटा का उपयोग किया जाएगा.
क्या होगा फायदा?
चूंकि अर्थव्यवस्था का आधा हिस्सा सर्विस सेक्टर से आता है इसलिए यह डेटा सरकार को सही समय पर सही फैसले लेने और बजट बनाने में मदद करेगा. अगर कभी लोग अचानक से होटल या फ्लाइट्स पर ज्यादा खर्च करने लगे, तो इस डेटा से साफ पता चल जाएगा कि यह सेक्टर अभी आगे बढ़ रहा है.
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