- 1 मई से एसबीआई क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव होंगे।
- SBI BPCL कार्ड पर सालाना फीस माफी के नियम बदलेंगे।
- 1 लाख के वार्षिक खर्च पर एनुअल फीस माफ होगी।
- लेट पेमेंट पर 100 रुपए तक की छूट सीमित होगी।
SBI Credit Card Latest News: अगर आप भी एसबीआई क्रेडिट कार्ड का रोजाना इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है. 1 मई से एसबीआई के क्रेडिट कार्ड के नियमों में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. इस बार लेट पेमेंट चार्ज समेत फीस माफी को भी शामिल किया गया है.
यह तो सभी जानते हैं कि मई के महीने को फाइनेंशियल चेंज के तौर पर देखा जाता है. जहां, इस महीने में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जाते हैं. क्रेडिट कार्ड के अलावा और भी जगह बैंकिंग नियमों में कल नए बदलाव किए जाएंगे.
ट्रेड का प्लान B! होर्मुज संकट के बीच पाक ने बदला रूट, सप्लाई के लिए ईरान को दिए 6 नए जमीनी रास्ते
एनुअल चार्ज की लिमिट में होगा बदलाव
अगर आप भी SBI क्रेडिड कार्ड का अपनी रोज़ाना की जिंदगी में इस्तेमाल करते हैं तो कल का दिन आपके लिए बेहद ही महत्वपूर्ण होने वाला है. एसबीआई कार्ड की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 1 मई 2026 से पेमेंट पर लागू चार्ज के अलावा सालाना फीस के नियमों में कुछ बदलाव किए जाएंगे. इसके साथ ही अब ग्राहकों को ज्यादा खर्च करने पर एनुअल फीस रिवर्स की सुविधा भी दी जाएगी.
क्रेडिट कार्ड के बकाया पर क्या हैं सजा के प्रावधान?
दरअसल, यह बड़ा बदलाव एसबीआई बीपीसीएल क्रेडिट कार्ड (SBI BPCL Credit Card) के लिए ही लागू किया जा रहा है. जहां, बैंक ने पिछले महीने 29 मार्च को एक नोटिस जारी कर यह बताया था कि 1 मई से कार्ड धारकों को एनुअल फीस माफी एक लाख रुपए तक का वार्षिक खर्च करने पर दी जाएगी. ग्राहकों को 1 लाख रुपए से कम के खर्च पर फीस का पेमेंट करना होगा.
12600 करोड़ की नेटवर्थ वाले सुंदर पिचाई ने बताई अपनी डाइट, गूगल चीफ को कहां से मिलता है प्रोटीन?
लेट पेमेंट की लिमिट में क्या होगा बदलाव?
वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, पहले 500 रुपए तक के पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता था, लेकिन अब इस छूट को केवल 100 रुपए तक पूरी तरह से सीमित कर दिया गया है.
500 से लेकर 1000 रुपए के बकाया पर लगेगा चार्ज?
500 से 1000 रुपए तक के बकाया पर अब 400 रुपए की जगह 500 रुपए शुल्क देना अनिवार्य माना जाएगा. जहां, 50, 000 रुपए से अधिक बकाया पर 1300 रुपए शुल्क लागू रहेगा. फिलहाल, अधिक बकाया राशि पर शुल्क स्लैब में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है.