Chardham Yatra 2026: चारधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 11 दिनों में 4 लाख श्रद्धालु ने किए दर्शन

e484de38aa7ee6967a8ebab139c3cbe11777454251659466 original


Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर इस साल चारधाम यात्रा का आगाज जिस उत्साह और आस्था के साथ हुआ है, वह अपने आप में अभूतपूर्व है. यात्रा के महज 11 दिनों के भीतर ही चारों धामों में 4 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. भारी भीड़, बदलता मौसम, ठंड और प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का जनसैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा.

 केदारनाथ: 2 लाख से अधिक श्रद्धालुलेकिन चुनौतियां भी कम नहीं 

बाबा केदार के दरबार में अब तक 2 लाख 7 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. भक्तों की बढ़ती तादाद को देखते हुए हेलीपैड पर एक साथ दो-दो हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग की व्यवस्था की गई है जिससे कि हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों को कम से कम इंतजार करना पड़े.

मौसम ने भी यात्रा को आसान नहीं रहने दिया. बीती रात तेज बारिश में करीब 10,000 श्रद्धालु भीग गए. ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि के बाद ठंड इतनी बढ़ गई कि आरती के दौरान भी बारिश थमी नहीं.

बद्रीनाथ: डेढ़ लाख से ज्यादा दर्शनविकास और निगरानी साथ-साथ

23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले और देखते ही देखते श्रद्धालुओं का तांता लग गया. अब तक 1 लाख 58 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 84 हजार से ज्यादा अभी रास्ते में हैं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ में हेलीपैड विस्तार के लिए 1.74 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है. इसका मकसद न केवल हवाई सेवाओं को सुगम बनाना है, बल्कि किसी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को भी तेज करना है.

ITBP के जवानों ने कपाट खुलते ही अलकनंदा नदी और तप्त कुंड के आसपास सफाई अभियान छेड़ दिया, ताकि श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ और पवित्र वातावरण मिल सके. वहीं बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मंदिर परिसर में मोबाइल से रील बनाने पर कड़ी नजर रखी है. प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड और पंजीकरण की जांच अनिवार्य कर दी गई है. 

गंगोत्री और यमुनोत्री: –7°C की ठंड

गंगोत्री में 57 हजार 704 और यमुनोत्री में 57 हजार 863 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. लेकिन इन धामों से दो दुखद खबरें भी आईं. यमुनोत्री मार्ग पर नासिक के 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई, वहीं इंदौर की 40 वर्षीय एक महिला श्रद्धालु घोड़े से गिरकर मौत हो गई. प्रशासन ने बुजुर्गों और पहले से बीमार यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले मेडिकल जांच कराने की सख्त सलाह दी है.

मौसम का मिजाज इन धामों में सबसे ज्यादा कठोर रहा. 28 अप्रैल की शाम गंगोत्री में तापमान -7°C तक लुढ़क गया, जो अपने आप में यात्रा के दौरान एक असाधारण स्थिति है. ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और निचले हिस्सों में लगातार बारिश ने यात्रियों की राह मुश्किल कर दी है.

गंगोत्री मार्ग पर वाहनों के बेतहाशा दबाव को काबू में रखने के लिए उत्तरकाशी प्रशासन ने ‘गेटवे सिस्टम’ लागू किया है. डाबरानी और लिमचागाड जैसे संवेदनशील मोड़ों पर वाहनों को रुक-रुककर आगे भेजा जा रहा है. यमुनोत्री के पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की अव्यवस्था से निपटने के लिए रोटेशन प्रणाली सख्ती से लागू की गई है और प्लास्टिक उपयोग पर चालानी कार्रवाई शुरू हो गई है.

कुल मिलाकर चारधाम यात्रा 2026 का यह शुरुआती दौर बताता है कि इस साल श्रद्धालुओं का उत्साह रिकॉर्ड स्तर पर है. लेकिन बढ़ती भीड़, कठिन मौसम और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखते हुए प्रशासन को लगातार चौकस रहना होगा. यात्रियों से भी अपील है कि वे पंजीकरण, मेडिकल जांच और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलें.

ये भी पढ़ें: 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *