Hormuz Crisis: अब कोल्ड ड्रिंक्स की बारी! गर्मी के बीच मार्किट से गायब हुई कैन, क्या है कारण?

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Hormuz Crisis Aluminium Supply: गर्मी बढ़ते ही कोल्ड ड्रिंक की डिमांड बढ़ जाती है. हर कोई गर्मी से बचने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स का सहारा लेता है और अगर आप भी कोल्ड ड्रिंक पीने के शौकीन हैं तो ये खबर आपको थोड़ा उदास कर सकती है. ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे महायुद्ध का असर अब दिल्ली की दुकानों तक दिखने लगा है. यहां डाइट कोल्ड ड्रिंक के कैन दुकानों से गायब होते जा रहे हैं.

इतना ही नहीं अगर अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले कुछ दिनों में नॉर्मल कोल्ड ड्रिंक्स के लिए जनता को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है. पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में कोल्ड ड्रिंक्स के एक डिस्ट्रीब्यूटर नवीन शर्मा ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा, “पिछले दस दिनों में एक तो तापमान 10 डिग्री तक चढ़ गया है, इसलिए डिमांड तो 50-60 प्रतिशत बढ़ गई है, लेकिन ये बात भी सच है कि पीछे से स्टॉक ही नहीं आ रहा.”

डाइट कोल्ड ड्रिंक के कैन की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित

नवीन ने आगे बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन पर नॉर्मल कोला, ऑरेंज जैसी अन्य कोल्ड ड्रिंक्स अभी भी उपलब्ध हैं, लेकिन डाइट कोल्ड ड्रिंक के कैन की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. नवीन शर्मा ने बताया, “आजकल युवाओं में डाइट कोल्ड ड्रिंक के कैन पीना फैशन बन गया है. लेकिन इस वक्त ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण डाइट कोल्ड ड्रिंक के कैन की पूरी सप्लाई चेन में दिक्कत आ गई है.”

डिस्ट्रीब्यूटर के मुताबिक, असली समस्या खाड़ी देशों से आने वाले एल्यूमिनियम में है. डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि भारत खाड़ी देशों से 10-15 फीसदी एल्यूमिनियम आयात करता है और उसी में से कैन बनाने में काम आते है. युद्ध की वजह से कई शिपमेंट अटके हुए हैं, जिससे कैन की सप्लाई लगभग ठप पड़ गई.

एल्यूमिनियम की सप्लाई ठप

इस एल्यूमिनियम की सप्लाई ठप होने से कैसे उनके व्यापार पर फर्क पड़ा है. इसका उदाहरण देते हुए नवीन ने कहा, “मानो जैसे मैंने 100 प्रतिशत ऑर्डर प्लेस किया था, लेकिन अभी मुझे सिर्फ 50 प्रतिशत ही मिल पा रहा है. जो बड़े व्यापारी हैं उनको तो और भी ज्यादा परेशानी हो रही है.” 

तो क्या डाइट कोल्ड ड्रिंक के साथ नॉर्मल कोल्ड ड्रिंक्स भी महंगी हो जाएगी? इस पर डिस्ट्रीब्यूटर का जवाब साफ था, “पेट्रोलियम या एल्यूमिनियम से बनी किसी भी चीज की कॉस्ट बढ़ेगी तो बोझ आखिर में ग्राहक तक ही आएगा. कंपनी, डिस्ट्रीब्यूटर, दुकानदार और फिर कंज्यूमर ये एक चेन है. अगर कंपनी को महंगा पड़ेगा तो महंगा बेचना पड़ेगा.”

डिस्ट्रीब्यूटर ने आगे बताया कि पहले रेस्तरां में 300 एमएल का कैन 40 रुपये में मिलता था, लेकिन अब बड़े कैन कम हो गए हैं, क्योंकि एल्यूमिनियम की सप्लाई लगभग ठप है और जो बचा है उस से अब सिर्फ छोटे साइज के कैन ही बन कर मार्केट में आ रहे हैं.

बढ़ सकते हैं प्लास्टिक की बोतलों वाली ड्रिंक्स के दाम

डिस्ट्रीब्यूटर ने ये भी माना कि अगर युद्ध नहीं रुका और हालात सामान्य नहीं हुए तो आने कुछ दिनों में ही प्लास्टिक की बोतलों वाली ड्रिंक्स के दामों पर भी कुछ असर पड़ सकता है, हालांकि अभी सबसे ज्यादा दबाव डाइट कोल्ड ड्रिंक के कैन पर दिख रहा है. उन्होंने आगे कहा कि गर्मी के ये चार महीने डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. अगर इस पीक सीजन में माल नहीं बिका तो नुकसान होगा, हमारा व्यापार सिर्फ इन 4 महीनों पर सबसे ज्यादा टिका होता है. फिलहाल कंपनी सप्लाई ठीक करने की कोशिश कर रही है, लेकिन युद्ध कब शांत होता है, ये अभी कोई नहीं बता सकता.

यानी कुल मिला कर बात साफ है कि सॉफ्ट ड्रिंक्स इंडस्ट्रीज पर भी अब इस युद्ध का असर दिखने लगा है, एल्यूमिनियम की सप्दिलाई ठप होने से दिल्ली समेत कई शहरों में ठंडा पीने के शौकीन अब डाइट कॉल ड्रिंक के  कैन की तलाश में भटक रहे हैं. इधर गर्मी भी बढ़ रही है, शौकीन लोगों की प्यास बढ़ रही है, लेकिन कैन कम पड़ रहे हैं. युद्ध की आग अब आपके फ्रिज तक आ पहुंची है.

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