चुनाव के बाद सरकार के लिए ‘गुड न्यूज’, GST से आया भारी-भरकम पैसा; मिले पूरे 2.43 लाख करोड़

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India Record GST Collections: देश के अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव का दौर खत्म होते ही सरकार के लिए एक बड़ी गुड न्यूज आई है. शुक्रवार को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन अप्रैल में बढ़कर रिकॉर्ड 2.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह पिछले साल के मुकाबले 8.7 परसेंट ज्यादा है.

मार्च में आर्थिक गतिविधियों में तेजी 

आमतौर पर अप्रैल को वित्त वर्ष का सबसे मजबूत महीना माना जाता है और इस महीने का यह कलेक्शन मार्च में पिछले कारोबारी साल के अंत की जोरदार आर्थिक गतिविधियों को दिखाता है. इसमें कंपनियों द्वारा इन्वेंट्री क्लियरेंस और बुक क्लोजर जैसी चीजें शामिल हैं.

अप्रैल के लिए टोटल ग्रॉस रेवेन्यू 2,42,932 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में (समायोजन से पहले) यह 2.37 ट्रिलियन रुपये था. हालाँकि, यह तुलना पूरी तरह से एक जैसी नहीं मानी जा सकती, क्योंकि मांग को बढ़ावा देने के लिए सितंबर 2025 में टैक्स दरों में कटौती की गई थी.

जीएसटी में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले राज्य

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • गुजरात 
  • आंध्र प्रदेश
  • तमिलनाड़़

क्या होता है जीएसटी कलेक्शन?

जीएसटी का मतलब उस टैक्स अमाउंट से है, जो सरकार (केंद्र और राज्य) वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री से इकट्ठा करती है. जब आप कोईसामान खरीदते हैं या होटल या रेस्टोरेंट्स जैसी किसी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं, उस वक्त आप जो टैक्स अमाउंट भरते हैं वह कारोबारियों के जरिए सरकारी खजाने में जमा कराया जाता है. इस पूरी रकम को ‘जीएसटी कलेक्शन’ कहा जाता है.

अधिक कलेक्शन का मतलब है कि देश में व्यापार और खपत दोनों बढ़ रही है. सरकार इस पैसे का इस्तेमाल सड़क, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज बनाने जैसे विकास कार्यों में करती है, जिसका फायदा आखिरकार देश की जनता को ही मिलता है.

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