Crude Oil: ईरान में छिड़ी जंग और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया गया है. इससे वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता का माहौल है. ऑप्शंस मार्केट के डेटा से पता चलता है कि ट्रेडर्स अप्रैल के आखिर तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना को लेकर बड़े दांव लगा रहे हैं.
फरवरी से लगातार चढ़ता जा रहा दाम
ब्रेंट क्रूड की कीमत इस वक्त लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. 28 फरवरी से अब तक इसमें लगभग 50 परसेंट का उछाल आया है. इसी दिन से ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने जंग का ऐलान किया था. इसके चलते होर्मुज स्ट्रेट से तेल के परिवहन पर बड़ा असर पड़ा है. यह संकेत मिलने के बावजूद कि ईरान और अमेरिका इस संघर्ष को खत्म करने का कोई न कोई रास्ता ढूंढ़ने में लगे हुए हैं, कीमतों में उतार-चढ़ाव का क्रम लगातार बना हुआ है.
ऑप्शंस ट्रेड डेटा में चौंकाने वाला खुलासा
डेरिवेटिव्स मार्केट में ऑप्शंस ट्रेड से पता चलता है कि पिछले कुछ हफ्तों में इस बात पर लगाई गई शर्तें दस गुना बढ़ गई हैं कि अप्रैल के आखिर तक तेल की कीमत कम से कम 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी क्योंकि ट्रेडर्स निकट-अवधि में होने वाले उतार-चढ़ाव के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं. यह 2008 में ब्रेंट द्वारा बनाए गए 147 डॉलर प्रति बैरल के अब तक के सबसे ऊंचे रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगा. उस समय तेल की मांग में भारी उछाल के कारण सप्लाई कैपेसिटी पर काफी दबाव पड़ गया था.
ICE के आंकड़ों से पता चलता है कि उन कॉन्ट्रैक्ट्स की हिस्सेदारी – जिनकी समय सीमा अप्रैल के आखिर में समाप्त हो रही है और जो धारक को जून के ब्रेंट फ्यूचर्स को 150 डॉलर की कीमत पर खरीदने का विकल्प देते हैं (जिन्हें ‘कॉल ऑप्शंस’ के नाम से जाना जाता है) – एक महीने पहले के मुकाबले लगभग 10 गुना अधिक हो गई है.
ऑप्शन ट्रेड के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
- होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनिया में रोज सप्लाई होने वाले क्रूड ऑयल का लगभग 20 परसेंट खाड़ी देशों में फंसा हुआ है.
- सप्लाई शॉक को देखते हुए अप्रैल के अंत तक ब्रेंट क्रूड के 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की आशंका है. इसके लिए ‘कॉल ऑप्शंस’ में ओपन इंटरेस्ट पिछले महीने के मुकाबले लगभग 10 गुना बढ़कर 28941 लॉट्स हो गया है.
- यह वाकई में तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती है तो यह 2008 के 147.50 डॉलर प्रति बैरल के अब तक के सबसे हाई लेवल को पार कर जाएगा.
- आलम यह है कि कुछ ट्रेडर्स 160, डॉलर 200 डॉलर और यहां तक जून के लिए 300 डॉलर प्रति बैरल तक के ऑप्शंस खरीद रहे हैं. इससे पता चलता है कि निवेशकों के मन में किस कदर डर समाया हुआ है.
- BlackRock के CEO लैरी फिंक ने चेतावनी दी है कि अगर लंबे समय तक तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी रहती है, तो यह वैश्विक मंदी का कारण बन सकती है.
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