- पश्चिम एशिया तनाव से सीखकर, भारत 30-दिन LPG बफर बनाएगा.
- BPCL 5000 करोड़ से LPG क्षमता बढ़ाएगा, अन्य OMC भी.
- मिडिल-ईस्ट निर्भरता घटाकर भारत आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
ET की रिपोर्ट के मुताबिक, नाम न जाहिर करने की शर्त पर इंडस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, केंद्र सरकार मोटे तौर पर 30 दिन की LPG इन्वेंट्री बनाने का सोच रही है, लेकिन इसमें स्टॉक की मात्रा पर अभी कुछ तय नहीं हुआ है. यह LPG की कुल खपत, आयात और सोर्सिंग में विविधता लाने के बाद सप्लाई की जरूरत पर आधारित होगी. यह कदम देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी बड़े सप्लाई शॉक से घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को बचाने के लिए उठाया जाएगा.
भारत ने ली सबक
भारत LPG की अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है. इनमें से भी लगभग 90% होर्मुज से होकर खाड़ी देशों से आता है. ईरान और अमेरिका के बीच जंग के दौरान जब होर्मुज से सप्लाई पर रोक लग गई थी, तब भारत के आयात में भी गिरावट आई थी. इसके चलते सरकार को कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में एलपीजी की सप्लाई सीमित करनी पड़ी थी. इस संकट से सीख लेते हुए भारत अब एलपीजी आयात के लिए मिडिल-ईस्ट के देशों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है.
अभी भारत की कितनी है स्टोरेज कैपेसिटी?
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में इस वक्त 214 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट एक्टिव हैं. इनमें औसतन 4-7 दिनों (औसतन 5 दिन) का ही स्टॉक रहता है. अगर इसमें इम्पोर्ट टर्मिनलों और स्टोरेज के दूसरे तरीकों को भी मिला दिया जाए, तो औसतन केवल 18 दिनों का ही कवर होता है.