Healthy Relationship Tips: विदेशों में क्यों बढ़ रहा अलग सोने का चलन, प्यार बढ़ाने और नींद के लिए यह तरीका कितना कारगर?

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Separate Beds For Couples: एक समय था जब पति-पत्नी का एक ही बिस्तर पर सोना मजबूत रिश्ते की निशानी माना जाता था. लेकिन अब विदेशों में कई कपल्स इस सोच से अलग रास्ता अपना रहे हैं. अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों में “स्लीप डिवोर्स” यानी अलग-अलग कमरे या बिस्तर पर सोने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. नाम सुनकर यह किसी रिश्ते में दूरी का संकेत लग सकता है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. कई लोगों का मानना है कि इससे न सिर्फ अच्छी नींद मिलती है, बल्कि रिश्तों में प्यार और समझ भी बढ़ती है. 

क्यों अलग- अलग सो रहे हैं कपल्स?

दरअसल, कई कपल्स की नींद रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों से प्रभावित होती है. किसी का तेज खर्राटे लेना, रात में बार-बार करवट बदलना, अलग समय पर सोना या जागना, मोबाइल इस्तेमाल करना या कमरे का तापमान अलग पसंद होना जैसी आदतें दूसरे साथी की नींद खराब कर देती हैं. लगातार कई दिनों तक अच्छी नींद न मिलने का असर मूड, मेंटल हेल्थ और रिश्तों पर भी पड़ने लगता है. इसी वजह से अब कई लोग रात में अलग-अलग कमरे में सोना बेहतर विकल्प मान रहे हैं. इससे दोनों अपनी सुविधा के अनुसार सो पाते हैं और सुबह उठने पर पहले की तुलना में ज्यादा तरोताजा महसूस करते हैं. एक्सपर्ट का भी कहना है कि भरपूर और अच्छी नींद व्यक्ति को शांत, धैर्यवान और इमोशनल रूप से संतुलित बनाए रखने में मदद करती है.

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कौन-कौन अपना रहा है यह ट्रेंड?

अलग-अलग सोने का यह चलन सिर्फ बुजुर्ग दंपतियों तक सीमित नहीं है. युवा कपल्स भी इसे अपना रहे हैं. किसी का ऑफिस देर रात तक चलता है तो किसी को सुबह जल्दी उठना पड़ता है. ऐसे में दोनों की रूटीन अलग होने के कारण एक-दूसरे की नींद प्रभावित होती है. वहीं छोटे बच्चों वाले परिवारों में भी कई बार माता-पिता बारी-बारी से बच्चे की देखभाल करने के लिए अलग सोने का फैसला लेते हैं, ताकि कम से कम एक व्यक्ति की नींद पूरी हो सके. 

क्या इससे रिश्ते पर असर पड़ता है?

अलग-अलग सोने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रिश्ते में प्यार कम हो गया है. रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि मजबूत रिश्ता सिर्फ एक बिस्तर साझा करने से नहीं बनता, बल्कि एक-दूसरे के साथ बिताए गए समय, बातचीत, भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव से बनता है. कई कपल्स सोने से पहले साथ समय बिताते हैं, बातें करते हैं और फिर बेहतर नींद के लिए अपने-अपने कमरे में चले जाते हैं. लगातार नींद पूरी न होने पर व्यक्ति चिड़चिड़ा हो सकता है और छोटी-छोटी बातों पर भी बहस होने लगती है. वहीं अच्छी नींद मिलने पर तनाव कम रहता है और रिश्ते में धैर्य और सकारात्मकता बनी रहती है. यही वजह है कि विदेशों में कई लोग अब इस व्यवस्था को रिश्ते को बचाने का नहीं, बल्कि उसे और बेहतर बनाने का तरीका मान रहे हैं.

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