LPG News: अब नहीं होगी सिलेंडर की किल्लत, अमेरिका से दोगुनी गैस खरीदेगा भारत, सरकार ने बदला प्लान

bbbdcd74359643b5e8ca7de97c798d6817833526404041346 original


LPG News: ईरान और यूएस के बीच फिलहाल युद्ध विराम है. लेकिन कई महीनों तक चले इस युद्ध का असर अब तक भी कम नहीं हुआ है. इस युद्ध की वजह से भारत में तेल और गैस की काफी किल्लत देखने को मिली थी. लेकिन अब इससे निपटने का इंतजार भारत सरकार ने कर लिया है. क्योंकि अब रसोई गैस (LPG) के लिए भारत को सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. आइये बताते हैं आखिर ऐसा क्यों?

यूएस से होगा LPG का आयात
दरअसल अब सरकारी तेल कंपनियां अमेरिका से हर साल होने वाले करीब 22 लाख टन LPG आयात को दोगुना करने की प्लानिंग कर रही है. साथ ही, अल्जीरिया जैसे नए देशों से भी LPG खरीदने के ऑप्शंस तलाशे जा रहे हैं, ताकि किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा निर्भरता न रहे. नवंबर 2025 में भारत और अमेरिका के बीच एक साल का समझौता हुआ था. जिसके तहत 2026 में भारत अपनी सालाना LPG जरूरत का करीब 10% अमेरिका से खरीदने पर सहमत हुआ.

ये भी पढ़ें: Gadgets Price Hike: ‘दीवाली पर खरीदूंगा’… फेस्टिव डील्स पर डिस्काउंट अब नहीं मिलेगा! दिन पर दिन महंगे हो रहे फोन और गैजेट्स

क्या कहा अधिकारियों ने?
तेल कंपनी के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने TOI से बात करते हुए बताया कि, मिडिल ईस्ट में युद्ध के दौरान कच्चे तेल की उपलब्धता बड़ी समस्या नहीं थी, लेकिन LPG की सप्लाई चुनौती बन गई थी. ऐसे समय में अमेरिका ने एक्सट्रा गैस उपलब्ध कराकर भारत की जरूरत पूरी करने में जरूरी भूमिका निभाई. अमेरिका के पास LPG निर्यात करने की बड़ी क्षमता है. इसलिए भविष्य में भारत वहां से ज्यादा गैस खरीदकर अपनी सप्लाई को सुरक्षित और विविध बनाने की दिशा में काम कर रहा है.

बता दें कि भारत अब तक अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट के देशों से मंगाता रहा है. लेकिन मार्च में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से LPG की सप्लाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी. कच्चे तेल की तुलना में रसोई गैस की उपलब्धता ज्यादा मुश्किल हो गई थी. ऐसे समय में अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़े LPG सप्लायर में से एक बनकर सामने आया. इसके अलावा भारत ने अर्जेंटीना, नाइजीरिया और मलेशिया से भी LPG खरीदी.

ये भी पढ़ें: Microsoft Layoff: टेक जगत में फिर हड़कंप, माइक्रोसॉफ्ट ने की 4800 कर्मचारियों की छंटनी, HR हेड ने बताई वजह



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *