Mumbai Rains: मुंबई की बारिश में डिलीवरी का इम्तिहान, जलभराव के बीच कंपनियों ने बदला काम करने का तरीका

af829f9b5b28d862405b35fc9e21781d17833319461251346 original


Mumbai Rains: मुंबई में मॉनसून ने दस्तक दे दी है और ऐसी दस्तक दी है कि सड़कों पर खूब पानी भर गया है. नदी- नाले उफान पर हैं और समुद्र की लहरें पूरे शहर को भिगो रही हैं. जहां एक तरफ बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है तो वहीं दूसरी ओर रोजमर्रा के कामों में लोगों को परेशानी हो रही है. जैसे कि डिलीवरी से जुड़े कामों में.

इन दिनों ऑनलाइन डिलीवरी का खूब बोलबाला है, लोग घर बैठे चीजें ऑर्डर करते हैं. जिसमें घर की ग्रोसरी, खाना, रोजमर्रा की चीजें हों या फर्नीचर ही क्यों ना है. लेकिन बारिश के मौसम की वजह से मुंबई में डिलीवरी बॉयज की परेशानी बढ़ गई है. हालांकि कंपनियों ने इस परेशानी का तोड़ भी निकाल ही लिया है.

ये भी पढ़ें: चकाचौंध से दूर, बिजनेस में सुपर एक्टिव: जानिए कौन हैं टाटा ग्रुप की कमान थामने वाली माया टाटा?

क्या है कंपनियों का बारिश से निपटने का प्लान?
दरअसल मुंबई में हो रही ताबड़तोड़ बारिश के चलते पूरे शहर में रेड अलर्ट जारी है, ऐसे में फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने मॉनसून से निपटने की अपनी सालाना तैयारी शुरू कर दी है. इस बारे में बात करते हुए कुछ सूत्रों ने मनी कंट्रोल को बताया है कि ‘हमें अभी तक कोई खास असर नहीं दिखा है. अभी शुरुआती दौर है, लेकिन हम स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं.’

रेगुलर प्लान होगा एक्टिवेट
बारिश या मानसून के समय कंपनियां पहले से ही तैयारी रखती हैं. जैसे डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा और सर्विस जारी रखने के लिए रेनकोट और सुरक्षा का दूसरा सामान देना, डार्क स्टोर्स पर फर्स्ट-एड किट रखना और जागरूकता अभियान चलाना. जिससे डिलीवरी पार्टनर्स ज्यादा देर तक बारिश में रहने से बचें और जरूरत पड़ने पर मदद ले सकें.

ये भी पढ़ें: E20 पेट्रोल पर भड़के व्हीकल ओनर, सर्वे में लोगों ने बताया ‘विनाशकारी’, कहा- माइलेज में आई गिरावट

हालांकि ये तैयारियां केवल राइडर की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं हैं. क्विक कॉमर्स कंपनी के एक सूत्र के मुताबिक ‘अगर बारिश तेज हो जाती है, तो डिलीवरी का दायरा कम हो सकता है. बाढ़ या जलभराव की वजह से कुछ इलाकों में कुछ समय के लिए सर्विस देना मुश्किल हो सकता है, लेकिन हमारे फोरकास्टिंग सिस्टम हमें इसे बेहतर ढंग से संभालने में मदद करते हैं. हम राइडर्स को ज्यादा मांग वाले इलाकों में भेजकर और उसी हिसाब से कामकाज में बदलाव करके ऐसा करते हैं.’

बता दें कि कंपनियां मौसम के हालात पर हमेशा ही नजर बनाए रखती हैं. डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता भी दी जाती है, जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन से जुड़े और भी बदलाव किए जाते हैं. ऐसे में कमपनी केवल अपने काम ही नहीं बल्कि साथ में काम करने वालों को भी प्राथमिकता देती है. इसी के साथ अपने कस्टमर्स का भी ख्याल रखती है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *