Satluj Movie Controversy: ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है…’, ‘सतलुज’ को ओटीटी से हटाए जाने पर गरमाई राजनीति

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दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों काफी चर्चा में है. फिल्म को करीब 4 साल की जद्दोजहद के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया था, जिसे दो दिन बाद ही रविवार को ओटीटी से हटा दिया गया. इसे हटाए जाने के बाद मामला काफी गरमा गया. लोगों ने दिलजीत को सपोर्ट किया और सिस्टम पर सच ना दिखाने का आरोप लगाया. ऐसे में अब इस फिल्म को ओटीटी से हटाए जाने को लेकर पंजाब में राजनीति भी गरमा गई है. कांग्रेस ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर इस फिल्म को हटाए जाने का ठिकरा फोड़ा है. चलिए बताते हैं किसने क्या कहा.

‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसविंदर सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, जिसे OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से दो दिन में ही हटाने के बाद इस पर पंजाब में राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है. पंजाब के राजनीतिक दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है वहीं, बीजेपी इस मुद्दे पर घिरती नजर आ रही है.

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बीजेपी नेता को नहीं फिल्म को हटाए जाने की जानकारी

पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों से जब इस फिल्म के OTT से हटाने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम ये फिल्म क्यों हटाई गई है मगर वे इसे लेकर सूचना ओर प्रसारण मंत्री से बात करेंगे.

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना 

वहीं, कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने इसे लेकर सीधा निशाना केंद्र सरकार पर साधा है. उन्होंने कहा कि फिल्म उन तथ्यों पर आधारित है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी सच माना है तो फिर इस फिल्म क्यों हटाया गया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दिनों में पंजाब पुलिस ने जो मानवाधिकारों का उल्लंघन आतंकवाद से लड़ाई के दौरान किया था और जसवंत सिंह खालड़ा ने इसे उजागर किया था जिसके चलते पुलिस ने उन्हें अगवाकर मार दिया था.

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सुखपाल सिंह ने फिल्म को हटाए जाने को लेकर सवाल करते हुए कहा कि अदालत ने इसमें आरोपियों को सजा सुनाई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी सही माना और सजा बरकरार रखी तो फिर फिल्म कैसे गलत है? 

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला- अकाली दल

शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि यह फिल्म पंजाब के दर्दनाक इतिहास को दिखाती है और जसवंत सिंह खालड़ा के बलिदान का सम्मान करती है. उन्होंने लिखा कि फिल्म का हटाया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सच्चाई पर हमला है. उन्होंने लिखा कि पंजाब के लोगों को यहां का इतिहास जानने की इजाजत है. 

आम आदमी पार्टी ने फिल्म को हटाए जाने पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर निशाना साधा है. पार्टी प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि फिल्म में जिस दौर को दिखाया गया है उस वक्त पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और उस वक्त मासूम नौजवानों को घरों से उठाकर पुलिस ने मारा. उन्होंने सवाल किया कि फिल्म को कांग्रेस के कहने पर या फिर बीजेपी ने हटाया है.



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