Anal Cancer Symptoms: टॉयलेट में आता है खून तो सिर्फ पाइल्स नहीं हो सकता है एनल कैंसर, जानें कितना खतरनाक?

c37d0eb6b1ec1669d6e04c38822f543917745044061211257 original


Is Blood In Stool Always Piles Or Cancer: टॉयलेट में खून आना अक्सर लोगों को डरा देता है, और सबसे पहले दिमाग में यही आता है कि कहीं यह कोई गंभीर बीमारी तो नहीं. हालांकि, ज्यादातर मामलों में इसकी वजह पाइल्स यानी बवासीर होती है, जो आम और इलाज से ठीक होने वाली समस्या है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हर बार इसे हल्के में लेना सही नहीं है, क्योंकि कुछ मामलों में यही लक्षण एनल कैंसर जैसे गंभीर रोग का संकेत भी हो सकता है.

क्या होती है पाइल्स की दिक्कत?

पाइल्स की बात करें तो यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें मलाशय या गुदा के आसपास की नसें सूज जाती हैं. यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ, कब्ज, ज्यादा देर तक बैठने या प्रेग्नेंसी के कारण हो सकती है. पाइल्स में आमतौर पर टॉयलेट के दौरान चमकीला लाल खून दिखाई देता है, इसके साथ ही खुजली, जलन और हल्की सूजन भी महसूस हो सकती है. राहत की बात यह है कि इसके लक्षण अक्सर कुछ समय बाद खुद ही कम हो जाते हैं या साधारण इलाज से ठीक हो जाते हैं. 

इसे भी पढ़ें- Vitamin Side Effects: सावधान! बिना डॉक्टरी सलाह के यह विटामिन लेना पड़ सकता है भारी, जा सकती है आंखों की रोशनी

कब होना चाहिए सावधान?

कैंसर के बारे में जानकारी देने वाली prolifecancercentre की रिपोर्ट के अनुसार, अगर यही खून बार-बार आने लगे या लंबे समय तक बना रहे, तो सतर्क हो जाना जरूरी है. एनल कैंसर एक रेयर लेकिन गंभीर बीमारी है, जिसमें गुदा के अंदर या आसपास असामान्य सेल्स तेजी से बढ़ने लगती हैं. शुरुआत में इसके लक्षण पाइल्स जैसे ही लग सकते हैं, जिससे कई लोग भ्रमित हो जाते हैं.

क्या होता है फर्क?

दोनों में फर्क समझना बेहद जरूरी है. पाइल्स में खून आमतौर पर टॉयलेट के दौरान ही आता है और कुछ समय बाद बंद हो जाता है, जबकि एनल कैंसर में ब्लीडिंग लगातार हो सकती है और उसका रंग भी थोड़ा गहरा हो सकता है. इसी तरह पाइल्स में दर्द अक्सर टॉयलेट या बैठने के दौरान ज्यादा होता है, लेकिन कैंसर में दर्द लगातार बना रह सकता है और समय के साथ बढ़ता जाता है.

इसके अलावा, अगर आपको मल त्याग की आदतों में बदलाव दिखे, जैसे बार-बार टॉयलेट जाना या मल का आकार बदलना, तो इसे नजरअंदाज न करें. बिना वजह वजन कम होना, थकान महसूस होना या गुदा के आसपास गांठ बनना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं. डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर खून एक हफ्ते से ज्यादा समय तक दिखे, दर्द बढ़ता जाए या कोई नया लक्षण जुड़ जाए, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. खासतौर पर 50 साल से ऊपर के लोगों को ऐसे संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें- GLP-1 Weight Loss Drugs: GLP-1 दवाएं कितनी खतरनाक? हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा- बिना डॉक्टर की सलाह दवा बेची तो खैर नहीं

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *