MANISH PANDEY: 45 मिनट की मेहनत ने बनाया सुपर फील्डर, मनीष पांडे का मंत्र युवा खिलाड़ियों के लिए सीख

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<p style="text-align: justify;">आईपीएल 2026 का मैच नंबर 60 कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स के मैदान में खेला गया. केकेआर बनाम मुंबई का ये मुकाबला बेहद रोमांचक रहा. &nbsp;कोलकाता नाइट राइडर्स के अनुभवी खिलाड़ी मनीष पांडे सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, अपनी शानदार फील्डिंग की वजह से भी लगातार चर्चा में हैं. मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने एक बेहतरीन कैच पकड़कर फिर साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर होती है.<br /><br />मुकाबले के बाद बातचीत के दौरान कमेंटेटर हर्षा भोगले ने मनीष पांडे से उनकी फिटनेस और शानदार कैचिंग का राज पूछा. इस पर पांडे ने बताया कि वो अपनी ट्रेनिंग में फील्डिंग को बहुत गंभीरता से लेते हैं. उन्होंने कहा कि रोजाना करीब 45 मिनट सिर्फ फील्डिंग की प्रैक्टिस करते हैं और इसे कभी मिस नहीं करते.<br /><br />मनीष पांडे के मुताबिक <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> चाहे कैसा भी हो, वो अपने फील्डिंग सेशन को नहीं छोड़ते. उनका मानना है कि मैदान पर तेज रिफ्लेक्स और फिटनेस बनाए रखने के लिए लगातार मेहनत जरूरी है. यही वजह है कि आज भी वो मैदान पर काफी चुस्त नजर आते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि वो गेंदबाजी नहीं करते, इसलिए टीम के लिए दूसरे तरीकों से योगदान देना जरूरी समझते हैं. बल्लेबाजी के अलावा फील्डिंग उनके लिए टीम की मदद करने का सबसे बड़ा जरिया है. इसी सोच के साथ वो अभ्यास में अतिरिक्त मेहनत करते हैं.<br /><br />आईपीएल 2026 में अब तक मनीष पांडे कई शानदार कैच पकड़ चुके हैं. आरसीबी के खिलाफ टिम डेविड का उनका कैच इस सीजन के बेहतरीन कैचों में गिना जा रहा है. मुंबई इंडियंस के खिलाफ भी उन्होंने रयान रिकेलटन का मुश्किल कैच पकड़कर मैच में अहम भूमिका निभाई. मनीष पांडे की यह सोच युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी सीख मानी जा रही है. आज के दौर में ज्यादातर युवा बल्लेबाजी और बड़े शॉट्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन फील्डिंग भी मैच का नतीजा बदल सकती है. यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ लगातार फिटनेस और फील्डिंग पर जोर देते हैं.<br /><br />हाल के मैचों में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की फील्डिंग को लेकर सवाल उठे थे. ऐसे में मनीष पांडे का अनुशासन और मेहनत युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर सकती है कि सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, मैदान पर हर विभाग में बेहतर बनने की जरूरत होती है.</p>
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