पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर चल रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. पहले ये फिल्म तीन साल तक सेंसर बोर्ड में अटकी रही, लेकिन इसे पास नहीं किया गया. ऐसे में हाल ही में मेकर्स ने इसे जी5 पर चुपचाप रिलीज कर दिया था. हालांकि ओटीटी पर आने के 48 घंटों में ही फिल्म को हटा दिया गया था. इसी बीच अब ‘सतलुज’ को शिरोमणि अकाली दल का सपोर्ट मिला है. पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दिलजीत की फिल्म को लेकर बड़ा ऐलान किया है.
ये भी पढ़ें: 12 साल के कड़े स्ट्रगल के बाद रातोंरात हुए पॉपुलर, जानिए कौन हैं ‘वे जुनून’ के सिंगर सुबोध शर्मा?
सुखबीर सिंह बादल ने क्या कहा?
शिरोमणि अकाली दल ने इसे पंजाब के गांव-गांव तक पहुंचाने का फैसला किया है. सुखबीर बादल ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा, ‘शिरोमणि अकाली दल शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा पर बनी फिल्म ‘सतलुज’ को पंजाब के गांव-गांव और कोने-कोने तक पहुंचाएगा. केंद्र सरकार द्वारा फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बावजूद हम इसे लोगों तक पहुंचाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर स्क्रीनिंग आयोजित करेंगे. ये फिल्म एक इंसान के साहस की कहानी है, जिसने आतंकवाद के दौर में हजारों सिख युवाओं के कथित फर्जी एनकाउंटर, हत्याओं और लापता किए जाने के मामलों को दुनिया के सामने लाने के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी.’
ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਖਾਲੜਾ ਸਮੇਤ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਬੇਗੁਨਾਹ ਸਿੱਖ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਤੇ ਸਿੱਖ ਸਖਸ਼ੀਅਤਾਂ ਉੱਤੇ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਦੌਰਾਨ ਢਾਏ ਗਏ ਅਣਮਨੁੱਖੀ ਤਸ਼ੱਦਦ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਸਬੰਧੀ ਫ਼ਿਲਮ ‘ਸਤਲੁਜ’ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਿੰਡ-ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਤੇ ਕੋਨੇ-ਕੋਨੇ ਵਿੱਚ ਦਿਖਾਵੇਗਾ ਤਾਂ ਕਿ ਸਾਡੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ… pic.twitter.com/uz8sQQ25Ga
— Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) July 8, 2026
पूरे पंजाब में दिखाई जाएगी ‘सतलुज’
उन्होंने आगे लिखा, ‘आज के पंजाब के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को ये जानना चाहिए कि भाई जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे और उन्होंने किन परिस्थितियों में सच्चाई के लिए संघर्ष किया. यही वजह है कि शिरोमणि अकाली दल ने फैसला किया है कि इस फिल्म को पूरे पंजाब में सार्वजनिक स्थानों पर दिखाया जाएगा. चाहे इसे दबाने की कितनी भी कोशिश की जाए, ये फिल्म लोगों तक जरूर पहुंचेगी.’
पहले सिनेमाघरों में रिलीज होने थी ये फिल्म
बता दें कि ‘सतलुज’ जसवंत सिंह खालड़ा की बायोपिक है. वो शिरोमणि अकाली दल के मानवाधिकार प्रकोष्ठ के महासचिव और मानवाधिकार कार्यकर्ता थे. फिल्म में दिलजीत ने जसवंत का ही किरदार निभाया है. वहीं, उनके साथ अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की, जगजीत संधू और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकार भी हैं. फिल्म करीब तीन साल से सेंसर बोर्ड के पास होल्ड पर थी. पहले ये 7 फ़रवरी 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन इसे सेंसर बोर्ड से हरी झंडी नहीं मिल सकी. मेकर्स ने इसे चुपचाप 3 जुलाई की रात को साढ़े आठ बजे जी5 पर रिलीज कर दिया.
Satluj may have paused. But the conversation it started hasn’t.
Thank you for the incredible love.
We hope to bring it back soon.#Satluj pic.twitter.com/Ox3MZIBvlT— ZEE5Official (@ZEE5India) July 5, 2026
बदला गया फिल्म का नाम
बता दें कि इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ रखा गया था. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद मेकर्स ने इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया. फिल्म में आतंकवाद के दौर के दौरान कथित तौर पर हुए गैर-कानूनी हत्याकांडों और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को दिखाया गया है. इसमें दावा किया गया है कि उस दौर में 25 हजार से अधिक लोगों की कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से हत्या कर दी गई थी और उनका अंतिम संस्कार भी गुपचुप तरीके से किया गया था.
Input By : सचिन कुमार