Share Market Crash: अमेरिका-ईरान तनाव फिर ले डूबा शेयर बाजार, 8 लाख करोड़ एक झटके में स्वाहा! मार्केट क्रैश से सहमे निवेशक

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Share Market Crash Reasons: मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक बार फिर से ईरान और अमेरिका के बीच का युद्ध शुरू हो गया. रातभर दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले हुए और युद्धविराम खत्म हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने भी एक समिट के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम खत्म हो गया. इसी के साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सीधे 6 प्रतिशकत का उछाल आया. इतनी ही नहीं बल्कि शेयर बाजार पर भी इसका गहरा असर पड़ा है. BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 के अंकों में भारी गिरावट आई है. आइये जानते हैं ऐसा क्यों?

शेयर बाजार का हाल
बुधवार की सुबह NIFTY50 24,259 अंक पर खुला और दोपहर करीब ढाई बजे 500 अंकों की गिरावट के साथ 23,897 पर बंद हुआ. तो वहीं सेंसेक्स का हाल भी बेहाल रहा, ये सुबह के वक्त 77,816 पर खुला और दोपहर में 76,302.46 तक गिर गया. इसी के साथ आखिर में ये 1900 अंक पर बंद हुआ. जिससे निवेशकों के बीच भी डर का माहौल देखने को मिल रहा है.

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निवेशकों का हुआ भारी नुकसान
BSE के डाटा के मुताबिक शेयर बाजार में आई इस गिरावट से BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 8 लाख करोड़ रुपये तक घट गया. मंगलवार को ये 480 लाख करोड़ रुपये था, जो बुधवार को घटकर 472 लाख करोड़ रुपये रह गया. इसका सबसे ज्यादा असर तेल- गैस, ऑटो, एफएमसीजी, तेल कंपनियों आदि सेक्टरों पर पड़ा है.

भारतीय स्टॉक मार्केट के गिरने की वजह?
आज यानी 8 जुलाई 2026 बुधवार को स्टॉक मार्केट में गिरावट क्यों आई? ये एक बड़ा सवाल ह. वैसे तो ईरान- यूएस युद्ध इसकी सबसे बड़ी वजह है, लेकिन ये अकेली ही वजह नहीं है. यहां आपको बताते हैं उन 5 वजहों के बारे में जो आज के शेयर बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह हैं.

  • भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. दोनों देशों के बीच दोबारा शुरू हुए युद्ध के कारण दुनियाभर के शेयर बाजारों पर इसका असर पड़ा है.
  • कच्चे तेल की कीमतों में भी युद्ध के कारण इजाफा हुआ है, और भारत दुनिया में कच्चे तेल का बड़ा आयातक है. ये भी शेयर बाजार क्रेश होने की एक बड़ी वजह है.
  • मिडिल ईस्ट में तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. ऐसे में कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे कमजोर रहने की आशंका है. इसी डर से निवेशक पहले से ही शेयर बेच रहे हैं.
  • विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. रुपये की कमजोरी और बढ़ते जोखिम के कारण विदेशों से होने वाला निवेश अब कम हो रहा है.
  • रुपये के कमजोर होने और बढ़ते जोखिम की वजह से निवेशकों में डर बैठ गया है. जिसका असर इंडिया VIX पर भी दिखा, जो बुधवार को 5% से ज्यादा बढ़ गया.

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