Monsoon Budget Travel Tips : वीकेंड ट्रिप का है प्लान? 20 हजार में एक्सप्लोर करें ये 5 ऑफबीट डेस्टिनेशन


दिल्ली से नॉर्थ बंगाल पहुंचने के लिए ट्रेन और फ्लाइट दोनों ऑप्शन मौजूद हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस सबसे अच्छी मानी जाती है. इसका एक तरफ का किराया करीब 3,500 रुपये है, यानी आने-जाने में लगभग 7,000 रुपये का खर्च आता है. वहीं फ्लाइट से सफर जल्दी पूरा हो जाता है, लेकिन किराया बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकता है. पहले से टिकट बुक करने पर बेहतर कीमत मिल सकती है. बागडोगरा पहुंचने के बाद यहां से दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, सिक्किम और आसपास के इलाकों के लिए शेयर और प्राइवेट गाड़ियां आसानी से मिल जाती हैं.

दिल्ली से नॉर्थ बंगाल पहुंचने के लिए ट्रेन और फ्लाइट दोनों ऑप्शन मौजूद हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस सबसे अच्छी मानी जाती है. इसका एक तरफ का किराया करीब 3,500 रुपये है, यानी आने-जाने में लगभग 7,000 रुपये का खर्च आता है. वहीं फ्लाइट से सफर जल्दी पूरा हो जाता है, लेकिन किराया बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकता है. पहले से टिकट बुक करने पर बेहतर कीमत मिल सकती है. बागडोगरा पहुंचने के बाद यहां से दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, सिक्किम और आसपास के इलाकों के लिए शेयर और प्राइवेट गाड़ियां आसानी से मिल जाती हैं.

बागडोगरा एयरपोर्ट से मिरिक की दूरी करीब 53 किलोमीटर है, जिसे 2 से 2.5 घंटे में तय किया जा सकता है. यह छोटा-सा हिल स्टेशन सुमेंदु झील, चाय के बागानों, देवदार के जंगलों और संतरे के बगीचों के लिए जाना जाता है. यहां बोटिंग, झील किनारे घूमना और रामिते दारा व्यूपॉइंट जैसी जगहें देखी जा सकती हैं. यहां होमस्टे 500 से 800 रुपये प्रति रात में मिल जाते हैं.

बागडोगरा एयरपोर्ट से मिरिक की दूरी करीब 53 किलोमीटर है, जिसे 2 से 2.5 घंटे में तय किया जा सकता है. यह छोटा-सा हिल स्टेशन सुमेंदु झील, चाय के बागानों, देवदार के जंगलों और संतरे के बगीचों के लिए जाना जाता है. यहां बोटिंग, झील किनारे घूमना और रामिते दारा व्यूपॉइंट जैसी जगहें देखी जा सकती हैं. यहां होमस्टे 500 से 800 रुपये प्रति रात में मिल जाते हैं.

बागडोगरा से करीब 121 किलोमीटर दूर स्थित रिशप एक शांत लेपचा गांव है. यहां से कंचनजंगा का शानदार नजारा देखने को मिलता है. आसपास नीओरा वैली नेशनल पार्क, चांगे फॉल्स और झांडी दारा व्यूपॉइंट जैसी जगहें मौजूद हैं. यहां कॉटेज और होमस्टे करीब 1,500 रुपये में उपलब्ध हैं.

बागडोगरा से करीब 121 किलोमीटर दूर स्थित रिशप एक शांत लेपचा गांव है. यहां से कंचनजंगा का शानदार नजारा देखने को मिलता है. आसपास नीओरा वैली नेशनल पार्क, चांगे फॉल्स और झांडी दारा व्यूपॉइंट जैसी जगहें मौजूद हैं. यहां कॉटेज और होमस्टे करीब 1,500 रुपये में उपलब्ध हैं.

टेमी टी एस्टेट बागडोगरा से करीब 121 किलोमीटर दूर है. यह दक्षिण सिक्किम के नामची में स्थित पुराना चाय बागान है. यहां हरियाली, पहाड़ों का खूबसूरत नजारा और चाय उत्पादन को करीब से देखने का मौका मिलता है. टेमी गेस्ट हाउस में करीब 1,500 रुपये प्रति व्यक्ति में ठहरने और खाने की सुविधा मिल जाती है.

टेमी टी एस्टेट बागडोगरा से करीब 121 किलोमीटर दूर है. यह दक्षिण सिक्किम के नामची में स्थित पुराना चाय बागान है. यहां हरियाली, पहाड़ों का खूबसूरत नजारा और चाय उत्पादन को करीब से देखने का मौका मिलता है. टेमी गेस्ट हाउस में करीब 1,500 रुपये प्रति व्यक्ति में ठहरने और खाने की सुविधा मिल जाती है.

लावा बागडोगरा से करीब 105 से 110 किलोमीटर और लोलेगांव करीब 103 से 105 किलोमीटर दूर है. लावा अपने बौद्ध मठ और नीओरा वैली नेशनल पार्क के लिए जाना जाता है, जबकि लोलेगांव कंचनजंगा के नजारों, घने जंगलों और कैनोपी वॉक के लिए मशहूर है. यहां कई होटल और होमस्टे करीब 1,500 रुपये प्रति व्यक्ति में रहने और खाने की सुविधा देते हैं.

लावा बागडोगरा से करीब 105 से 110 किलोमीटर और लोलेगांव करीब 103 से 105 किलोमीटर दूर है. लावा अपने बौद्ध मठ और नीओरा वैली नेशनल पार्क के लिए जाना जाता है, जबकि लोलेगांव कंचनजंगा के नजारों, घने जंगलों और कैनोपी वॉक के लिए मशहूर है. यहां कई होटल और होमस्टे करीब 1,500 रुपये प्रति व्यक्ति में रहने और खाने की सुविधा देते हैं.

बागडोगरा से करीब 60 किलोमीटर दूर सिट्टोंग को दार्जिलिंग की ऑरेंज वैली भी कहा जाता है. यहां संतरे के बाग, पहाड़, जंगल और शांत वातावरण यात्रियों को आकर्षित करते हैं. सिट्टोंग मठ, लेपचा फॉल्स, जोगीघाट ब्रिज और अहलदारा व्यूपॉइंट यहां की प्रमुख जगहें हैं. यहां होमस्टे में रुककर स्थानीय माहौल और घर जैसा खाना भी मिल सकता है.

बागडोगरा से करीब 60 किलोमीटर दूर सिट्टोंग को दार्जिलिंग की ऑरेंज वैली भी कहा जाता है. यहां संतरे के बाग, पहाड़, जंगल और शांत वातावरण यात्रियों को आकर्षित करते हैं. सिट्टोंग मठ, लेपचा फॉल्स, जोगीघाट ब्रिज और अहलदारा व्यूपॉइंट यहां की प्रमुख जगहें हैं. यहां होमस्टे में रुककर स्थानीय माहौल और घर जैसा खाना भी मिल सकता है.

Published at : 09 Jul 2026 12:05 AM (IST)

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