कहीं ₹ 300, तो कहीं ₹190 बढ़ी कीमत, दुनिया में पेट्रोल-डीजल के लिए त्राहिमाम; अकेले भारत में स्थिति काबू में

a1dee6ba11a5e375fd642e477cabbf7517796109615771379 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • भारत में 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल 3 बार महंगा हुआ.
  • देश भर में कीमतों में कुल ₹5 तक की वृद्धि देखी गई.
  • वैश्विक स्तर पर भारत में कीमतें सबसे कम बढ़ी हैं.
  • सरकार ने तेल कंपनियों के नुकसान के बावजूद दाम स्थिर रखे.

Petrol-Diesel Prices All over the world: भारत में बीते 10 दिनों में 3 बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं. इसके चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुल लगभग 4.80 प्रति लीटर से लेकर 5.00 रुपये तक का इजाफा हुआ है.

रेट बढ़ने के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. फ्यूल स्टेशनों में भीड़ जमा होने लगी, विरोधी पार्टियां सरकार को बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर घेरने लगी, कहीं-कहीं लोग भी सरकार को कोसने लगे. लेकिन क्या आपको पता है कि इस वक्त इकलौता भारत ऐसा देश है, जहां स्थिति काबू में है. पूरी दुनिया के मुकाबले अकेले भारत में अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें सबसे कम बढ़ी हैं. दुनिया के बाकी देशों का हाल जानेंगे, तो आपके होश उड़ जाएंगे. 

भारत में अब तक 3 बार बढ़ी कीमतें

फरवरी से मई 2026 के बीच वैश्विक संकट के बीच अलग-अलग देशों में पेट्रोल में की कीमतों में बंपर उछाल आया है, जिनमें भारत में हुआ इजाफा सबसे कम है. पश्चिम एशिया में सकंट के दबाव में भारत में लंबे समय बाद 15 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतें 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गईं. इसके ठीक चार दिन बाद 19 मई को दूसरी किश्त में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर दाम और बढ़ाए गए. फिर 23 मई को पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे का और इजाफा किया गया. अगर इसकी तुलना दुनिया के दूसरे देशों से किया जाए, तो यह काफी कम है.

कहां कितनी बढ़ी कीमत?

देश कहां कितनी बढ़ी कीमत
म्यांमार 89.7% (सबसे ज्यादा बढ़ोतरी)
पाकिस्तान 54.9%
यूएई 52.4%
अमेरिका 44.5%
नेपाल 38.2%
चीन 21.7%
ब्रिटेन 19.2%
भारत 5.0%

भारत में सरकार ने क्या उपाय किए?

अमेरिका और ईरान में जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Starit of Hormuz) की नाकेबंदी के चलते जब पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, तब भी भारत ने पूरे 76 दिनों तक पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ने दिए. इस दौरान IOCL, BPCL और HPCL जैसी भारतीय तेल कंपनियों ने करीब 1000 करोड़ रुपये तक का प्रतिदिन नुकसान सहा, लेकिन आम जनता पर महंगाई का बोझ नहीं पड़ने दिया. मार्च 2026 में क्रूड ऑयल की सप्लाई में संकट गहराने से पहले सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी में कटौती भी की थी, जिससे कीमतों को 100 रुपये के आसपास बनाए रखने में मदद मिली. 

दुनिया में पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार

लंदन में पेट्रोल की कीमतें 190 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गई हैं. यूरोपीय यूनियन में भी कीमत 179 रुपये प्रति लीटर के पार चली गई हैं. दुनिया में सबसे महंगा पेट्रोल अभी हांगकांग में है. यहा कीमतें 300 लीटर के करीब पहुंच चुकी हैं. नीदरलैंड्स में पेट्रोल अभी 2.90 USD में बिक रहा है, जो भारतीस करेंसी के हिसाब से करीब 245-255 रुपये प्रति लीटर है. 

ये भी पढ़ें:

Petrol-Diesel: 6 रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल, डीजल का रेट भी हुआ कम; जानें कहां की सरकार ने दी राहत? 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *