भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाला टेस्ट मैच नया इतिहास लिखने जा रहा है. दरअसल शुक्रवार, 10 जुलाई से भारत और इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीमों के बीच सीरीज का एकमात्र टेस्ट शुरू होने वाला है. पुरुष क्रिकेट में पहला टेस्ट मैच 1884 में खेला गया था, जबकि महिला टीमों का पहला टेस्ट 1934 में खेला गया. टेस्ट फॉर्मेट को शुरू हुए 142 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक लॉर्ड्स मैदान पर कोई महिला टेस्ट मैच नहीं खेला जा सका है.
भारत और इंग्लैंड रचेंगे इतिहास
भारत और इंग्लैंड का टेस्ट मैच 10 जुलाई से लॉर्ड्स मैदान पर ही खेला जाएगा. यह टेस्ट क्रिकेट के 142 साल के इतिहास में पहली बार होगा जब लॉर्ड्स का मैदान महिला टेस्ट की मेजबानी कर रहा होगा. यहां साल 1976 में पहला महिला अंतर्राष्ट्रीय मैच जरूर खेला गया था. उस वनडे मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया था.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच अमोल मजूमदार भी इस तथ्य पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि लॉर्ड्स के मैदान पर पहला महिला टेस्ट खेला जाएगा. उन्होंने कहा कि यह एक खास और ऐतिहासिक क्षण होगा.
भारत और इंग्लैंड का टेस्ट मैच इसलिए भी ऐतिहासिक होगा, क्योंकि लगभग 28 साल पहले तक वर्ल्ड फेमस लॉर्ड्स पवेलियन तक महिलाओं के आने पर पाबंदी थी. महिलाओं को क्लब मेंबर बनने की इजाजत भी नहीं थी, लेकिन साल 1998 में यह प्रतिबंध हटा दिया गया. उसके 28 साल बाद लॉर्ड्स मैदान पर पहली बार कोई महिला टेस्ट खेला जाएगा.
भारतीय टीम का दबदबा
टेस्ट क्रिकेट में भारत और इंग्लैंड की महिला टीम 15 बार आमने-सामने आई हैं. हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया आगे है. अब तक 15 भिड़ंत में तीन बार भारत जीता है जबकि इंग्लैंड को सिर्फ एक जीत मिली है. दोनों के 11 मुकाबले ड्रॉ पर छूटे हैं. साल 1995 के बाद इंग्लैंड कभी भी टेस्ट मैच में भारतीय टीम को हरा नहीं पाया है.
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