Exam Missed Due To Rain: कंपटीशन एग्जाम और यूनिवर्सिटी एग्जाम के दौरान समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना हर छात्र के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. हालांकि, कई बार बारिश के मौसम में बारिश, ट्रैफिक जाम या दूसरी वजह से कई छात्र चाहकर भी परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाते. ऐसे मामले में कई बार सवाल उठाते हैं कि अगर बड़ी संख्या में छात्रों का एग्जाम छूट जाए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी और क्या छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका मिल सकता है.
हाल ही में महाराष्ट्र के नासिक में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जहां भारी बारिश और सड़क धंसने की घटना के कारण 300 से ज्यादा छात्र अपने यूनिवर्सिटी परीक्षा देने समय पर नहीं पहुंच सके. इसके बाद छात्रों ने परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग उठाई. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि बारिश या ट्रैफिक जाम की वजह से एग्जाम छूट गया तो कौन जिम्मेदार होगा और क्या इसके लिए दूसरा मौका मिल सकता है.
महाराष्ट्र के नासिक में बारिश ने बिगाड़ा छात्रों का परीक्षा शेड्यूल
महाराष्ट्र के नासिक में लगातार हो रही बारिश और एक निर्माणाधीन स्थल पर जमीन धंसने के कारण नासिक त्र्यंबकेश्वर रोड पर कई घंटे तक लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है. इसी रास्ते में संदीप फाऊंडेशन कॉलेज, ब्रह्मा वैली कॉलेज, सपकाल कॉलेज, समेत कई इंस्टिट्यूट के छात्र सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा देने जा रहे थे. बताया गया कि कई छात्र सुबह 8 बजे से ही जाम में फंस गए और समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. इसका सबसे ज्यादा असर इंजीनियरिंग के फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर और फार्मेसी के सेकंड ईयर और थर्ड ईयर के छात्रों पर पड़ा. करीब 300 से ज्यादा छात्रों की परीक्षा छूट गई. इसके बाद छात्रों ने यूनिवर्सिटी और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि बुधवार को हुई परीक्षाओं को रद्द कर उनके लिए नई तारीख घोषित की जाए. छात्रों का कहना है की स्थिति पूरी तरह प्राकृतिक कारणों से बनी थी और इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी.
क्या ऐसे मामलों में दोबारा होती है परीक्षा?
अगर किसी प्राकृतिक आपदा, भारी बारिश, बाढ़, सड़क बंद होने या दूसरी असाधारण परिस्थितियों की वजह से बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा से वंचित रह जाते हैं, तो कई बार परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी अलग व्यवस्था कर सकती है. हालांकि इसका कोई एक नियम नहीं है और अंतिम फैसला संबंधित परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी या कॉलेज ही लेता है. जरूरत पड़ने पर एजेंसी प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा, नई परीक्षा तिथि या दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था कर सकती हैं, लेकिन यह निर्णय पूरी तरह स्थिति और संबंधित परीक्षा प्राधिकरण पर निर्भर करता है.
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गुजरात सरकार ने दिया था दूसरा मौका
ऐसा पहले भी देखने को मिला है गुजरात में बारिश और जल बराबर के कारण कई छात्र कक्षा 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा नहीं दे सके थे. इसके बाद राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि जिन छात्रों की परीक्षा बारिश की वजह से छूट गई, उनके लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जाएगी. शिक्षा विभाग ने छात्रों से कहा था कि वह अपनी तैयारी जारी रखें क्योंकि मौजूदा सप्लीमेंट्री परीक्षा समाप्त होने के बाद उनके लिए नई परीक्षा आयोजित की जाएगी.
कहां कर सकते हैं शिकायत?
अगर किसी छात्र का एग्जाम प्राकृतिक आपदा, प्रशासनिक व्यवस्था या बड़े स्तर पर ट्रैफिक जाम होने की वजह से छूट जाता है, तो सबसे पहले संबंधित विश्वविद्यालय, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी या बोर्ड से कांटेक्ट किया जा सकता है. अगर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी प्रभावित हुए हैं, तो परीक्षा प्राधिकरण परिस्थितियों की समीक्षा कर दोबारा परीक्षा या वैकल्पिक व्यवस्था का फैसला ले सकता है.
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