Education Loan News: अक्सर लोग घर बनाने, जमीन खरीदने के लिए लोन लेते है. आजकल भारतीय युवाओं में लोन लेने को लेकर इच्छुकता बढ़ी है. अब बड़ी संख्या में युवा खरीदारी के लिए ही नहीं ब्लकि कुछ अलग उद्देश्यों के लिए लोन ले रहे हैं, जैसे कि नए स्किल्स सीखना और करियर की संभावनाओं को बेहतर बनाना.
दरअसल, आज के इस डीजिटल दौर में कई युवा भारतीयों के लिए, शिक्षा अब कॉलेज तक ही नहीं सिमट कर रह गई है. भले ही डिग्री पहला द्वार खोलने में मदद करती है. लेकिन काम की जगाहों में योग्य बने रहने के लिए लगातार नए स्किल्स, प्रमाणपत्र और एक्सपेरीमेंट प्राप्त करना बेहद जरूरी है. आगे बढ़ने का दबाव बेहद जरूरी हो गया है, और इसके साथ-साथ लागत भी लगातार बढ़ती जा रही है.
बात चाहे सरकारी परीक्षा की तैयारी हो, कोडिंग प्रशिक्षण शिविर में दाखिला लेना हो, कोई विदेशी भाषा सीखना हो या कोई ऑनलाइन कोर्स करना हो, शिक्षा धीरे-धीरे एक बार का लक्ष्य नहीं बल्कि एक फिक्सड यानी तय खर्च बनती जा रही है, और कई युवा कमाने वाले भारी बचत होने तक इंतजार नहीं करना चाहते.
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युवा लोनदाता ट्रेंड में चल रहा आगे
डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म रुपीरेडी के आंकड़ों के अनुसार, शिक्षा से जुडे़ लोन युवा भारतीयों के बीच तेजी से पसंद किया जा रहा है. पिछले वित्तीय वर्ष में, सभी पर्सनल लोन लेने वालों में से लगभग 14 प्रतिशत ने शिक्षा से जुड़े लोन लिए है.
लोन को लेकर युवाओं में बढ़ी दिलचस्पी
सबसे दिलचस्प बात यह कि, पढ़ाई से जुड़े इन लोनों में से करीब 46% प्रतिशत 21 से 30 साल की उम्र के लोगों ने लिया था. वही 16.1% प्रतिशत लोन 31 से 35 साल की उम्र के उधारकर्ताओं द्वारा लिए गए थे. ऐसे में यह एक जरूरी बदलाव की ओर इशारा करता है, शिक्षा से जुड़ा लोन अब केवल कॉलेज की फीस जमा करने वाले छात्रों या परिवारों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि कामकाजी आयु के युवा भी इन्हें ज्यादा अहमियत दे रहे हैं.