जेईई मेन और नीट को मिलाने की तैयारी, सरकार ला सकती है One Nation One Exam सिस्टम

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  • NTA की कार्यप्रणाली में सुधार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ेगा.

देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं जेईई मेन और नीट को लेकर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है.हाल ही में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नए मॉडल पर विचार कर रही है. इस प्रस्ताव के तहत इंजीनियरिंग और मेडिकल एडमिशन के लिए एक संयुक्त राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (Unified Entrance Exam) लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है.

वन नेशन वन एग्जाम सिस्टम पर विचार

सूत्रों के अनुसार सरकार “One Nation One Exam” मॉडल पर काम करने पर विचार कर रही है, जिसमें जेईई और नीट दोनों परीक्षाओं को एक कॉमन फ्रेमवर्क में शामिल किया जा सकता है.इस प्रणाली के तहत एक ही राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी, लेकिन छात्रों की स्ट्रीम के अनुसार अलग-अलग विषय सेक्शन रखे जाएंगे.इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए मैथ्स और मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बायोलॉजी अलग सेक्शन में शामिल किए जा सकते हैं, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों के लिए कॉमन रहेंगे.

इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना बताया जा रहा है.हाल के वर्षों में पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाओं को देखते हुए सरकार परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार करने की दिशा में काम कर रही है.

यह विचार पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. इस कमेटी का गठन NEET-UG 2024 विवाद के बाद किया गया था, ताकि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सुधार के सुझाव दिए जा सकें.

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NTA की भूमिका और संभावित बदलाव

NTA की कार्यप्रणाली पर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं.अब सरकार परीक्षा संचालन प्रणाली को और मजबूत करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता कम करने पर विचार कर रही है.

NEET-UG 2026 विवाद

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया था. लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया. इसके चलते परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.पेपर लीक मामले की जांच CBI द्वारा की जा रही है.जांच एजेंसियां विभिन्न राज्यों में नेटवर्क और परीक्षा से जुड़े मामलों की गहन जांच कर रही हैं. इस घटना ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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