सीजफायर का असर! शेयर बाजार में तूफानी रैली, सेंसेक्स 3000 अंक उछला, निवेशकों को ₹15 लाख करोड़ का फायदा


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US Iran War Ceasefire effect: 8 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. BSE Sensex करीब 2,983 अंक यानी लगभग 4% उछलकर 77,599.66 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी करीब 889 अंकों की मजबूती के साथ 24,012.95 पर पहुंच गया.

इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबर रही, जिसने वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बनाया. भू-राजनीतिक तनाव कम होते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई और इसका सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिला.

दिनभर कैसे चला बाजार?
सुबह 9:15 बजे बाजार ने मजबूत शुरुआत की और खुलते ही तेजी के संकेत मिल गए. 9:30 बजे हल्की गिरावट आई, लेकिन जल्द ही खरीदारी लौट आई. 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बाजार लगातार मजबूती दिखाता रहा और निफ्टी 24,000 के करीब पहुंच गया.

दोपहर के बाद एक बार फिर तेजी आई और बाजार दिन के उच्चतम स्तर के आसपास बंद हुआ, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है.

निवेशकों की झोली में ₹15 लाख करोड़

इस रैली के दौरान मार्केट कैप में भारी उछाल आया और निवेशकों को करीब 15 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ. यह तेजी सिर्फ बड़े निवेशकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो भी मजबूत हुए.

ये रहे टॉप मूवर्स

आज के टॉप गेनर्स में इंटरग्लोब एविएशन करीब 10% उछलकर सबसे आगे रहा. इसके अलावा एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और एमएंडएम में भी शानदार खरीदारी देखने को मिली.

वहीं टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड जैसे शेयर दबाव में रहे और लूजर्स की सूची में शामिल रहे.

किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा तेजी?

ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली. खासकर बैंकिंग शेयरों में मजबूती ने बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई.

7 बड़े कारण जिनसे बाजार दौड़ा

इस तेजी के पीछे कई फैक्टर्स काम कर रहे हैं—अमेरिका-ईरान सीजफायर, कच्चे तेल में गिरावट, ग्लोबल बाजारों में तेजी, मजबूत रुपया, RBI की स्थिर पॉलिसी, वैल्यू बाइंग और घटती वोलैटिलिटी.

अब बाजार की नजर Reserve Bank of India की पॉलिसी और महंगाई-ग्रोथ के संकेतों पर है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है.

फिलहाल एक बात साफ है—सीजफायर ने बाजार को वह ट्रिगर दे दिया, जिसका निवेशकों को लंबे समय से इंतजार था.

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