Heatwave Effects: 50°C की गर्मी में लोग क्यों हो जाते हैं ज्यादा गुस्सैल? साइंस ने बता दिया सच

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How Extreme Heat Affects Human Behaviour: भीषण गर्मी सिर्फ शरीर को ही नहीं, इंसान के व्यवहार और मूड को भी बुरी तरह प्रभावित करती है. जब तापमान एक लिमिट से अधिक हो जाती है, तो लोग छोटी-छोटी बातों पर ज्यादा चिड़चिड़े, गुस्सैल और बेचैन महसूस करने लगते हैं. कई लोगों को लगता है कि यह सिर्फ थकान या असहज मौसम की वजह से होता है, लेकिन अब साइंस और डॉक्टरों ने इसके पीछे की असली वजह समझाई है. 

क्या आने लगता है ज्यादा गुस्सा?

दरअसल, तेज गर्मी में शरीर लगातार खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता रहता है.  इसी कारण शरीर पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है. हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था clevelandclinic के एक्सपर्ट  डॉ. अल्बर्स ने बताया कि जब मौसम बहुत गर्म होता है, तो शरीर ओवरड्राइव मोड में चला जाता है. इससे शरीर में कॉर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगता है. यही हार्मोन इंसान को जल्दी गुस्सा दिलाने, बेचैन करने और मानसिक रूप से थका देने का काम करता है. 

गर्मी बढ़ने के क्या होने लगती है दिक्कत?

डॉ. अल्बर्स के मुताबिक, हीटवेव के दौरान इमरजेंसी रूम विजिट, आक्रामक व्यवहार, हिंसा और यहां तक कि आत्महत्या के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है. साइंटिस्ट का मानना है कि जब शरीर लगातार गर्मी से लड़ रहा होता है, तब दिमाग के पास इमोशन को कंट्रोल करने की ऊर्जा कम बचती है. ऐसे में छोटी परेशानियां भी बड़ी लगने लगती हैं. 

किस चीज पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर?

गर्मी का सबसे बड़ा असर नींद पर पड़ता है. उमस भरी रातों में लोग ठीक से सो नहीं पाते. बार-बार नींद टूटना, देर से नींद आना और कम घंटों की नींद दिमाग को पूरी तरह आराम नहीं दे पाती. लगातार कई दिनों तक खराब नींद होने से इंसान ज्यादा चिड़चिड़ा, अधीर और तनावग्रस्त महसूस करने लगता है. यही वजह है कि गर्मियों में कई लोगों का मूड अचानक खराब रहने लगता है. 

 डिहाइड्रेशन से होती है यह दिक्कत?

इसके अलावा डिहाइड्रेशन भी मेंटल स्थिति को प्रभावित करता है.  ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है. डॉ के अनुसार, दिमाग को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत होती है. जब शरीर में पानी कम होता है, तो सिरदर्द, थकान, ध्यान लगाने में दिक्कत, बेचैनी और लो मूड जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई बार लोगों को घबराहट और दिल की धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें भी महसूस होती हैं, जिससे एंग्जायटी और बढ़ जाती है.

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लाइफस्टाइल पर भी होता है असर

हीटवेव का असर लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ता है. तेज गर्मी में लोग बाहर निकलना कम कर देते हैं. एक्सरसाइज, घूमना-फिरना और दोस्तों से मिलना कम हो जाता है. लंबे समय तक घर में बंद रहने और फिजिकल एक्टिविटी घटने से मानसिक थकान और अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है. यही कारण है कि कई लोग गर्मियों में ज्यादा उदास, तनावग्रस्त या गुस्सैल महसूस करने लगते हैं.

इससे बचने के लिए क्या कर सकते हैं आप?

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के दौरान अपने मूड पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. ज्यादा गर्मी में भारी काम, बहस या तनाव वाले काम दिन के सबसे गर्म समय में करने से बचना चाहिए. सुबह या शाम के समय जरूरी काम करना बेहतर माना जाता है. इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना, हल्का भोजन करना और अच्छी नींद लेना मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने में मदद कर सकता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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