UPSC टॉपर भी हो सकते हैं फेल! LBSNAA के नियम जानकर रह जाएंगे हैरान

078676dc9194ecbdae2d8eeee10a687a17836754862091294 original


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • UPSC चयनित अधिकारी LBSNAA में गहन प्रशिक्षण, परीक्षाएं देते हैं.
  • स्थानीय भाषा परीक्षा में फेल होने पर भी नौकरी नहीं जाती.
  • दोबारा परीक्षा का मौका, अंकों से वरिष्ठता, अनुशासन जरूरी.

UPSC की परीक्षा पास करना किसी भी उम्मीदवार के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन यहीं से असली सफर शुरू होता है. चयनित उम्मीदवारों को मसूरी स्थित LBSNAA में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है.यहां पढ़ाई के साथ कई परीक्षाएं भी होती हैं. अगर कोई प्रोबेशनर इनमें फेल हो जाए तो क्या उसकी नौकरी चली जाती है? यहां जानतें हैं.

UPSC के बाद शुरू होती है असली ट्रेनिंग

UPSC में चयन होने के बाद उम्मीदवार सीधे अधिकारी नहीं बन जाते.सबसे पहले उन्हें लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग दी जाती है. यहां प्रशासन, संविधान, कानून, अर्थव्यवस्था, लोक प्रशासन और मैनेजमेंट जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. इन विषयों की परीक्षा भी होती है और सभी में तय न्यूनतम अंक लाना जरूरी होता है.

कई अधिकारियों को भाषा की परीक्षा में होती है दिक्कत

ट्रेनिंग के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय भाषा की परीक्षा में देखने को मिलती है. जिस राज्य का कैडर अधिकारी को मिलता है, उसी राज्य की भाषा सीखना और उसका टेस्ट पास करना जरूरी होता है.अगर किसी को दक्षिण भारत का कैडर मिलता है तो उसे वहां की भाषा भी सीखनी पड़ती है. कई प्रोबेशनर पहली बार में इस परीक्षा को पास नहीं कर पाते.

फेल होने पर क्या होता है

अगर कोई IAS या IPS प्रोबेशनर ट्रेनिंग के दौरान किसी परीक्षा में फेल हो जाता है तो उसे नौकरी से नहीं निकाला जाता. अकादमी ऐसे उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने का मौका देती है. नियम के मुताबिक अधिकारी को सेवा में शामिल होने के चार साल के भीतर सभी लंबित परीक्षाएं पास करनी होती हैं. ज्यादातर उम्मीदवार री-एग्जाम में सफल हो जाते हैं.

अच्छे नंबर मिलने का मिलता है फायदा

LBSNAA की परीक्षाओं के नंबर सिर्फ पास या फेल तय नहीं करते, बल्कि आगे के करियर में भी इनकी अहम भूमिका होती है. इन्हीं अंकों के आधार पर बैच में सीनियरिटी तय होती है. भविष्य में प्रमोशन और कई प्रशासनिक मामलों में भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को फायदा मिल सकता है. इसलिए ट्रेनिंग के दौरान हर परीक्षा को गंभीरता से लिया जाता है.

यह भी पढ़ें – भारत में सरकारी नौकरी का इतना क्रेज क्यों, विदेशों में क्यों अलग है युवाओं की सोच?

अनुशासन तोड़ा तो हो सकती है कार्रवाई

अकादमी में पढ़ाई के साथ अनुशासन का भी सख्ती से पालन कराया जाता है. अगर कोई अधिकारी क्लास में कम उपस्थित रहता है, सुबह की पीटी छोड़ देता है, ड्रेस कोड का पालन नहीं करता या ट्रेनिंग के दौरान मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का गलत इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.ऐसे मामलों में चेतावनी, मेमो या अंक कटने जैसी कार्रवाई होती है.

कैसी होती है LBSNAA की ट्रेनिंग

LBSNAA की ट्रेनिंग काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है. यहां सुबह जल्दी पीटी, योग और घुड़सवारी से दिन की शुरुआत होती है.इसके बाद पूरे दिन क्लास, ग्रुप एक्टिविटी और प्रशासनिक प्रशिक्षण चलता है. अधिकारियों को भारत दर्शन, हिमालय ट्रेक और जिला प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों में भी भेजा जाता है ताकि वे देश की विविधता और जमीनी प्रशासन को बेहतर तरीके से समझ सकें.

यह भी पढ़ें – NEET UG 2026 Fee Refund : नीट रिफंड के लिए 14 जुलाई तक अपडेट कर सकते हैं बैंक डिटेल्स, जान लें पूरा तरीका

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *