JMI University Exam Update: जामिया मिलिया इस्लामिया का बड़ा फैसला, अब कंपार्टमेंट एग्जाम से क्लियर होगा बैकलॉग

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JMI University Exam Update:  जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने अपने परीक्षा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को काफी राहत मिलने वाली है.  अक्सर देखा जाता है कि किसी स्टूडेंट का सिर्फ एक बैकलॉग पेपर बाकी रहने की वजह से भी उसकी पूरी डिग्री कई महीनों के लिए लटक जाती है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी ने अपने परीक्षा नियमों में बदलाव किया है. 

यह फैसला यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने ऑर्डिनेंस-15 में संशोधन करके मंजूर किया है. नए नियम के तहत, जो स्टूडेंट्स एनुअल सिस्टम के तहत फाइनल सेमेस्टर या फाइनल ईयर में पढ़ रहे हैं और उनके पास किसी भी पिछले सेमेस्टर या साल का बैकलॉग पेपर बाकी है, वो अब अपनी फाइनल सेमेस्टर या फाइनल एनुअल परीक्षा के बाद सीधे कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकेंगे.

इसका मतलब है कि उन्हें अगले पूरे रेगुलर एग्जाम साइकिल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनकी डिग्री समय पर पूरी हो सकेगी. हालांकि यूनिवर्सिटी ने यह भी साफ किया है कि यह नया नियम सिर्फ रेगुलर कोर्स में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स पर ही लागू होगा. जो स्टूडेंट्स डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए कोई कोर्स कर रहे हैं, उन्हें इस बदलाव का फायदा नहीं मिलेगा.  कंपार्टमेंट परीक्षाओं का शेड्यूल कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन का ऑफिस अलग से जारी करेगा. 

री-इवैल्यूएशन के नियम में भी हुआ संशोधन

परीक्षा नियमों में एक और अहम बदलाव किया गया है, जो री-इवैल्यूएशन यानी उत्तर पुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन से जुड़ा है. ऑर्डिनेंस-15 के क्लॉज 24.4 में हुए संशोधन के मुताबिक, जो कोर्स कैरी-ओवर सिस्टम का पालन करते हैं, उनमें आमतौर पर कंपार्टमेंट परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी. लेकिन फाइनल ईयर या फाइनल सेमेस्टर के स्टूडेंट्स के लिए इसमें एक खास छूट दी गई है, ताकि वो अपने बैकलॉग पेपर कंपार्टमेंट परीक्षा के जरिए ही क्लियर कर सकें.

इसके साथ ही क्लॉज 23.1 में भी संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स अपनी उत्तर पुस्तिका के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने की बजाय सीधे कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने का विकल्प चुन सकते हैं. वहीं दूसरे साल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी, यानी वो रिजल्ट आने के 15 दिनों के अंदर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया है. 

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स्टूडेंट्स को कैसे मिलेगा इसका फायदा

यूनिवर्सिटी के इस फैसले को स्टूडेंट्स के लिए काफी राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी पढ़ाई और आगे की योजनाओं में देरी नहीं होगी. पहले जिन स्टूडेंट्स का बैकलॉग पेपर बाकी रह जाता था, उन्हें अगली रेगुलर परीक्षा तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उनकी डिग्री, आगे की पढ़ाई या नौकरी के मौके भी पीछे छूट जाते थे. लेकिन अब कंपार्टमेंट परीक्षा का सीधा विकल्प मिलने से स्टूडेंट्स कम समय में अपना बैकलॉग क्लियर कर पाएंगे और समय पर ग्रेजुएशन पूरी कर सकेंगे. यह पूरा फैसला यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने मंजूर किया है और इसे ऑर्डिनेंस-15 में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है. 

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