Foods That Can Trigger Acid Reflux: खाना खाने के बाद सीने में जलन महसूस होना आजकल बहुत आम समस्या बन चुकी है. ज्यादातर लोग इसे मामूली गैस या बदहजमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है तो इसकी वजह आपकी रोज की थाली भी हो सकती है. कुछ आम खाने-पीने की चीजें पेट में बनने वाले अम्ल को बढ़ाकर सीने में जलन और खट्टी डकार जैसी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं.
पेट में जलन बढ़ने का क्या है कारण?
हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड में ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और लिवर एक्सपर्ट डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें लोग रोज खाते हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं चलता कि वही उनकी परेशानी बढ़ा रही हैं. डॉ. सेठी बताते हैं कि टमाटर और टमाटर से बनी चीजें काफी एसिडिक होती हैं, जिससे पेट में जलन बढ़ सकती है. इसी तरह संतरा, नींबू और दूसरे खट्टे फल भी डाइजेशन में परेशानी पैदा कर सकते हैं.
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क्या चॉकलेट खाने से बढ़ती है सीने में जलन?
चॉकलेट भी सीने में जलन की बड़ी वजह बन सकती है. इसमें मौजूद कैफीन और कुछ दूसरे तत्व पेट के एसिड को ऊपर की ओर आने में मदद करते हैं. वहीं ज्यादा मसालेदार खाना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है. हैरानी की बात यह है कि पुदीने की चाय, जिसे कई लोग पेट के लिए आरामदायक मानते हैं, कुछ लोगों में उल्टा असर कर सकती है और परेशानी बढ़ा सकती है.
कब डाइट पर देना चाहिए ध्यान?
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर किसी को बार-बार सीने में जलन, खट्टे डकार या गले तक एसिड आने जैसी समस्या हो रही है, तो उसे अपनी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जहां पेट का अम्ल बार-बार भोजन नली तक पहुंचने लगता है. लंबे समय तक ऐसा होने पर पाचन तंत्र में गंभीर परेशानी हो सकती है. हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी हैं जो पेट को राहत देने में मदद कर सकते हैं. डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक ओट्स अतिरिक्त एसिड को सोखने में मदद कर सकते हैं. अदरक डाइजेशन सिस्टम को शांत करने का काम करता है. हल्का कच्चा केला पेट की परत को सुरक्षा देने में मदद कर सकता है, जबकि खरबूजा और खीरा भी पेट के लिए हल्के और आरामदायक माने जाते हैं.
किन चीजों पर ध्यान देना जरूरी?
डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय खानपान और लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करना भी जरूरी है. देर रात खाना खाने से बचना, ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन कम करना, खाने के तुरंत बाद लेटने से बचना और वजन कंट्रोल रखना इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है. अगर इसके बावजूद परेशानी लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है क्योंकि लंबे समय तक नजरअंदाज की गई यह समस्या आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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