- 8वें वेतन आयोग से DGP की सैलरी में हो सकती है वृद्धि.
जब भी पुलिस विभाग की बात होती है, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि आखिर पूरे राज्य की पुलिस व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी को कितनी सैलरी मिलती होगी. उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में, जहां करोड़ों लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है. ऐसे में राज्य के पुलिस मुखिया यानी पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद बेहद अहम माना जाता है. फिलहाल यूपी के DGP का पद IPS राजीव कृष्ण संभाल रहे हैं.
इसके अलावा इन दिनों 8वें वेतन आयोग की चर्चा तेज है. सरकारी कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक सभी की नजर इस बात पर है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद सैलरी में कितना इजाफा होगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि फिलहाल उत्तर प्रदेश के डीजीपी को कितना वेतन मिलता है, कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं और 8वें वेतन आयोग के बाद उनकी कमाई में कितना बदलाव आ सकता है.
राज्य की पुलिस का सबसे बड़ा पद
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, पुलिस बल के संचालन और सरकार को सुरक्षा संबंधी सलाह देने की जिम्मेदारी डीजीपी के कंधों पर होती है. भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में यह सबसे ऊंचे पदों में गिना जाता है. इसलिए इसका वेतन भी अधिकारियों के सर्वोच्च वेतनमान के अनुसार तय किया जाता है.
फिलहाल कितनी मिलती है सैलरी?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश के डीजीपी को 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन मिलता है. डीजीपी का पद एपेक्स स्केल में आता है, जो सरकारी सेवा के सबसे ऊंचे वेतनमानों में शामिल है. डीजीपी का मूल वेतन करीब 2.25 लाख रुपये प्रति माह होता है. इसके अलावा उन्हें महंगाई भत्ता (DA), यात्रा भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं.
अगर महंगाई भत्ते को जोड़ दिया जाए तो इसमें लगभग 1 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि जुड़ जाती है. वहीं यदि किसी अधिकारी को सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता तो मकान किराया भत्ता (HRA) भी दिया जाता है. इन सभी भत्तों और सुविधाओं को जोड़कर डीजीपी की कुल मासिक आय लगभग 3.5 लाख से 4 लाख रुपये तक पहुंच जाती है.
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बड़ी सुविधाएं भी
डीजीपी को मिलने वाली सुविधाएं केवल वेतन तक सीमित नहीं होतीं. राज्य के पुलिस प्रमुख होने के कारण उन्हें कई सरकारी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं. इनमें सरकारी बंगला, आधिकारिक वाहन, चालक, सुरक्षा कर्मी, स्टाफ और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं शामिल होती हैं. इन सुविधाओं का आर्थिक मूल्य अलग से काफी बड़ा माना जाता है.
8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ सकती है कमाई?
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हालांकि अभी इसे लागू नहीं किया गया है, सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. यदि ऐसा होता है तो डीजीपी का मूल वेतन बढ़कर लगभग 2.80 लाख रुपये से 3 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकता है.
इसके साथ ही नए स्ट्रक्चर के अनुसार भत्तों में भी बदलाव हो सकता है. महंगाई भत्ता और अन्य लाभ जुड़ने के बाद डीजीपी की कुल मासिक सैलरी 5 लाख से 5.5 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
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