Wegovy Side Effects: स्लिम होने के लिए दवा लेने वाले हो जाएं सावधान, हमेशा के लिए जा सकती है आंखों की रोशनी

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Eye Problems Linked To Weight Loss Drugs: वजन कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशहूर दवा वेगोवी को लेकर एक नई मेडिकल स्टडी ने चिंता बढ़ा दी है. रिसर्च में दावा किया गया है कि यह दवा आंखों से जुड़ी एक दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या का खतरा बढ़ा सकती है, जिससे अचानक नजर जाने की नौबत तक आ सकती है.  चलिए आपको बताते हैं कि आखिर इसको लेकर रिसर्च में निकला क्या है. 

क्यों आंखों को है इससे खतरा?

यह स्टडी एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है, जिसमें साइंटिस्ट ने पाया कि सेमाग्लूटाइड बेस्ड दवाओं में वेगोवी का कनेक्शन इस्केमिक ऑप्टिक न्यूरोपैथी नाम की आंखों की बीमारी से सबसे ज्यादा जुड़ा दिखाई दिया. यह ऐसी स्थिति होती है, जब आंखों की नस तक ब्लड सप्लाई कम हो जाती है या रुक जाती है. इससे अचानक नजर धुंधली हो सकती है और कुछ मामलों में आंखों की रोशनी हमेशा के लिए भी जा सकती है.

डायबिटीज के लिए बनी थी दवा

दरअसल, जीएलपी-1 दवाएं पहले टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए बनाई गई थीं, लेकिन अब इन्हें तेजी से मोटापा कम करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है.  वेगोवी और ओजेम्पिक दोनों में सेमाग्लूटाइड नाम का एक्टिव कंपाउंड होता है. फर्क सिर्फ इतना है कि वेगोवी खास तौर पर मोटापा कम करने के लिए मंजूर की गई है, जबकि ओजेम्पिक मुख्य रूप से डायबिटीज मरीजों को दी जाती है. 

रिसर्चर्स ने 2017 से 2024 के बीच अमेरिकी दवा निगरानी सिस्टम में दर्ज साइड इफेक्ट रिपोर्ट्स का विश्लेषण किया. वैज्ञानिकों ने करीब 3 करोड़ रिपोर्ट्स को जांचा, जिनमें 31 हजार से ज्यादा केस सेमाग्लूटाइड दवाओं से जुड़े थे. स्टडी में वेगोवी, ओजेम्पिक, रायबेल्सस, माउंजारो और जैपबाउंड जैसी दवाओं की तुलना की गई.

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कम मरीज के बावजूद इसका रिस्क क्यों ज्यादा?

हालांकि ओजेम्पिक के कुल मामले ज्यादा सामने आए, क्योंकि यह दवा लंबे समय से इस्तेमाल हो रही है, लेकिन आंकड़ों में वेगोवी का रिस्क सबसे ज्यादा दिखाई दिया. रिसर्च में वेगोवी से जुड़े 28 और ओजेम्पिक से जुड़े 47 मामले सामने आए. इसके बावजूद वेगोवी में इस आंखों की बीमारी का खतरा सामान्य से लगभग 75 गुना ज्यादा पाया गया, जबकि ओजेम्पिक में यह करीब 19 गुना था. साइंटिस्ट का मानना है कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. वेगोवी आमतौर पर ज्यादा डोज में दी जाती है. इसके अलावा इंजेक्शन वाली दवाएं शरीर में तेजी से असर करती हैं. रिसर्चर्स का कहना है कि तेजी से वजन घटना, शरीर में पानी की कमी, ब्लड प्रेशर में बदलाव या नसों के रेगुलेशन में बदलाव आंखों की नस तक ब्लड सप्लाई कम कर सकते हैं. 

क्या सच में यह दवा है जिम्मेदार?

हालांकि एक्सपर्ट ने साफ कहा है कि यह स्टडी सीधे तौर पर यह साबित नहीं करती कि वेगोवी ही इस बीमारी की वजह है. रिसर्च में इस्तेमाल किए गए डेटा सिस्टम की अपनी सीमाएं भी हैं. कई मामलों में पूरी मेडिकल हिस्ट्री उपलब्ध नहीं थी और कुछ रिपोर्ट्स मीडिया कवरेज की वजह से ज्यादा दर्ज हो सकती हैं. फिर भी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस रिसर्च को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि दुनिया भर में मोटापा और डायबिटीज के इलाज में इन दवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.  साइंटिस्ट अब इन दवाओं पर आगे और गहरी रिसर्च करने की तैयारी कर रहे हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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