- छात्र ने फिजिक्स में कम अंक मिलने पर उत्तर पुस्तिका मंगाई.
- छात्र का दावा: उसे मिली उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं थी.
- सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीबीएसई ने मानी गलती.
- सीबीएसई ने छात्र को सही उत्तर पुस्तिका भेजी, परिणाम में बदलाव की बात.
बोर्ड परीक्षा के नतीजे आने के बाद आमतौर पर छात्र अपने अंकों को लेकर खुश या निराश नजर आते हैं. लेकिन इस बार एक छात्र ने सिर्फ नंबरों पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि ऐसी बात सामने रख दी जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. मामला इतना बढ़ गया कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीति तक इसकी चर्चा होने लगी. आखिरकार सीबीएसई को खुद सामने आकर अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी.
दरअसल, 17 वर्षीय छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने अपने फिजिक्स के अंक देखकर दोबारा जांच की मांग की. लेकिन जब उसे उत्तर पुस्तिका की कॉपी मिली, तो वह हैरान रह गया. उसके मुताबिक जो उत्तर पुस्तिका उसे दिखाई गई, वह उसकी लग ही नहीं रही थी. यहीं से शुरू हुआ एक ऐसा विवाद जिसने लाखों लोगों का ध्यान खींच लिया.
नंबरों से शुरू हुई कहानी, जवाबों तक पहुंची बात
वेदांत को फिजिक्स विषय में मिले अंक उम्मीद से काफी कम लगे. ऐसे में उसने नियम के अनुसार उत्तर पुस्तिका की कॉपी मांगी ताकि वह देख सके कि कहां गलती हुई है. लेकिन जब उत्तर पुस्तिका उसके सामने आई, तो उसे कुछ अजीब लगा.
वेदांत का दावा था कि उत्तर पुस्तिका में लिखावट उसकी नहीं थी. केवल लिखावट ही नहीं, बल्कि जवाब लिखने का तरीका, शब्दों का इस्तेमाल और पूरे पेपर का अंदाज भी अलग था. उसे लगा कि कहीं कोई बड़ी गड़बड़ी हुई है. इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी और सवाल पूछा कि आखिर उसके रोल नंबर पर किस उत्तर पुस्तिका की जांच हुई थी. उसकी यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और लाखों लोगों तक पहुंच गई.
सोशल मीडिया पर मिला समर्थन, लेकिन ट्रोलिंग भी हुई
जैसे-जैसे मामला चर्चा में आया, वैसे-वैसे लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं. कई लोगों ने छात्र का समर्थन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की. वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने वेदांत और उसके परिवार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. परिवार के अनुसार उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि वे देश विरोधी हैं. कई यूजर्स ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट की सच्चाई पर भी सवाल उठाए.
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“हम पाकिस्तानी नहीं हैं” – परिवार की भावुक प्रतिक्रिया
कई दिनों तक चल रही आलोचना और आरोपों के बाद वेदांत के भाई सिद्धांत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने उन लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने मुश्किल समय में परिवार का साथ दिया. साथ ही उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि उनका परिवार भारतीय है और उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
कैसे सामने आई पूरी सच्चाई?
सिद्धांत ने बताया कि परिवार ने सिर्फ इसलिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था ताकि वे अपनी बात लोगों तक पहुंचा सकें. उनका कहना था कि फिजिक्स के अंकों को लेकर संदेह होने के बाद उन्होंने कई विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी मंगाई थी. जब फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका की तुलना दूसरे विषयों की कॉपियों से की गई, तब अंतर साफ दिखाई देने लगा. परिवार का दावा था कि यही वह पल था जब उन्हें लगा कि कोई बड़ी गलती हुई है.
आखिरकार CBSE ने मानी गलती
रिपोर्ट्स के अनुसार लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते दबाव के बीच सीबीएसई ने पूरे मामले की जांच की. जांच के बाद बोर्ड ने छात्र को ईमेल के जरिए उसकी सही फिजिक्स उत्तर पुस्तिका भेजी. बोर्ड ने यह भी कहा कि मामले की समीक्षा की गई है और जहां जरूरत होगी, वहां रिजल्ट में जरूरी बदलाव किए जाएंगे.
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