हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस ने IPL 2026 की शुरुआत जीत के साथ की थी. कई सालों बाद हुआ था जब MI ने संस्करण का पहला मैच जीता, लेकिन उसके बाद टीम जीत को तरस गई. वानखेड़े में लगातार 4 हार के साथ कई और अनचाहे रिकार्ड्स बने. रोहित शर्मा फिटनेस के कारण सभी मैच नहीं खेल पाए, सूर्यकुमार यादव का फॉर्म गायब रहा, जसप्रीत बुमराह के लिए ये सीजन सबसे बुरे सीजन में से एक रहा. टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मुंबई कुछ बड़े बदलाव कर सकती है, इसमें कप्तान बदलना सबसे बड़ा है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई इंडियंस ने हार्दिक पांड्या को अगले सीजन से पहले कप्तानी से हटाने का मन बना लिया है. रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हुए आखिरी लीग मैच के बाद मुंबई के कोचिंग स्टाफ ने सभी खिलाड़ियों के साथ एक मीटिंग की थी. इसमें सीनियर्स प्लेयर्स के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई गई.
मुंबई इंडियंस टीम में 2 टी20 वर्ल्ड कप विनिंग कप्तान (रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव) हैं. जसप्रीत बुमराह जैसे खतरनाक गेंदबाज हैं, हार्दिक पांड्या खुद बड़े प्लेयर हैं. हालांकि इतने दिग्गज होने के बावजूद ये सीजन उनके लिए अच्छा नहीं गुजरा, टीम जीतना तो दूर लड़ती हुई भी नजर नहीं आई. रिपोर्ट के अनुसार IPL 2026 के दौरान कोचिंग स्टाफ ने डेटा बेस कुछ बातें कहीं खिलाड़ियों से, लेकिन मैच में वैसा नहीं किया गया. इससे कोचिंग स्टाफ नाराज है और उन्होंने कहा है कि भविष्य में सीनियर प्लेयर्स को भी कोच की बात सुननी होगी.
यह भी पढ़ें- IPL ऑक्शन में आया वैभव सूर्यवंशी का नाम तो कितने में बिकेंगे? पूर्व क्रिकेटर ने दिया बड़ा बयान
क्या MI छोड़ देंगे हार्दिक पांड्या
अगर मुंबई इंडियंस हार्दिक को कप्तानी से हटाती है तो संभव है कि वह इस फ्रेंचाइजी में नहीं रुकना चाहें. कई फ्रेंचाइजी हैं, जो अगले साल अपने कप्तान को बदल सकती है. इसमें LSG, KKR, DC हैं. हार्दिक ऐसी किसी टीम में जा सकते हैं, जो उन्हें कप्तान बनाना चाहती हो.
यह भी पढ़ें- जितने रन वैभव सूर्यवंशी ने छक्कों से बनाए, उससे भी कम है रोहित-पंत समेत 10 दिग्गजों के टोटल रन
हार्दिक पांड्या के व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने IPL 2026 में 10 मैचों में सिर्फ 206 रन बनाए, वह एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए. पूरे सीजन उनके बल्ले से सिर्फ 2 छक्के आए. वैसे मुंबई इंडियंस का इस साल फ्लॉप रहने का सबसे बड़ा कारण उनके तेज गेंदबाजों का नहीं चलना रहा. जसप्रीत बुमराह भी 13 मैचों में सिर्फ 4 ही विकेट ले पाए.